बीजेपी के बाद कांग्रेस के विरोध पर अपने ही समाज के बीच घिरे गुर्जर नेता

मंगलवार को करौली में कांग्रेस की संकल्प यात्रा का गुर्जर समाज विरोध करेगा.

बीजेपी के बाद कांग्रेस के विरोध पर अपने ही समाज के बीच घिरे गुर्जर नेता
किरोडी बैंसला ने 2009 में बीजेपी से लोकसभा का चुनाव लडा था.

जयपुर/आशीष चौहान: बीजेपी की गौरव यात्रा के बाद अब गुर्जर कांग्रेस की संकल्प यात्रा को निशान बनाने की तैयारी में हैं. मंगलवार को करौली में कांग्रेस की संकल्प यात्रा का गुर्जर समाज विरोध करेगा. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया किरोडी सिंह बैंसला ने समाज से आह्वान किया है कि आरक्षण के मसले पर कांग्रेस अपना स्टैण्ड क्लियर करे. यदि ऐसा नहीं होता है तो गुर्जर समाज संकल्प रैली को रोकेगा.

गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र में होने वाली संकल्प रैली के विरोध के फैसले के बाद अभी तक कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.लेकिन कांग्रेस को घेरने से पहले ही गुर्जर आंदोलन के मुखिया खुद ही अपने समाज से घिर चुके है. गुर्जर समाज के लोगो के मुताबिक किरोडी बैंसला संकल्प यात्रा के बंद का फैसला किरोडी सिंह का निजी फैसला है. 

गुर्जर समाज ने कहा है कि वह आरक्षण की आग में राजनैतिक रोटियां सेककर अपना निजी हित साधना चाहते है. इससे पहले आरक्षण संघर्ष समिति से जुडे हिम्मत सिंह ने किरोडी बैंसला को घेरा था और बेटे को करौली से टिकट दिलवाने का आरोप लगाया था. यानि किरौडी बैंसला अपनों में ही अब सभी तरफ से घिर चुके है.18 साल के आरक्षण आंदोलन के बीच किरोडी बैंसला ने 2009 में बीजेपी से लोकसभा का चुनाव लडा था.

उधर किरोडी बैंसला ने सभी आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि बेटे को टिकट दिलवाने जैसी कोई बात नहीं है. आरक्षण की लडाई के लंबे सफर में मैने कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही सरकारों में आंदोलन किया है. मेरा किसी भी पार्टी से कोई लगाव नहीं है. इसलिए टिकट दिलवाने की बाते बेकार है. अब बीजेपी के बाद कांग्रेस की संकल्प यात्रा का भी गुर्जर समाज विरोध करेगा.

किरोडी बैंसला के मुताबिक कांग्रेस की संकल्प यात्रा को रोककर सवाल पूछे जाएंगे कि हमारे लिए 5 साल कांग्रेस ने क्या किया और आगे वह पिछडे समाज के लिए क्या करेंगे. उनका कहना है 5 प्रतिशत एमबीसी आरक्षण पर कांग्रेस अपना स्टैण्ड क्लियर करे. गुर्जर नेता कैप्टन जगराम गुर्जर ने भी संकल्प रैली को रोकने के फैसले को सही ठकराया है.

लेकिन दूसरी और उन्ही के समाज के लोगों ने किरोडी के विरोध को निजी फैसला बताया. अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा ने किरोडी के विरोध का राजनैतिक स्टेण्ड बताया. महासभा के प्रदेशाध्यक्ष गोपेन्द्र पावटा का कहना है कि किरोडी बैंसला अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे है. इसलिए संकल्प रैली में जाकर हम किरोडी का विरोध जताएंगे.

आरक्षण आंदोलन की आग के बीच गुर्जरों में आपसी सियासी पारा लगातार गर्म होता जा रहा है. इसी सियासत के बीच अब इस समाज के राजनैतिक रंग में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहे है. लेकिन क्या किरोडी के बयान के बाद अब ये मान लिया जाए कि उनके बेटे को विधानसभा चुनावों में कोई टिकट नहीं मिल रहा.