NRC के मामले में असम का अनुपालन कर सकते हैं बाकी राज्य :कटारिया

गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान भी अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की समस्या से जूझ रहा है और हर साल अनेक ऐसे प्रवासियों को वापस उनके देश भेजा जाता है.

NRC के मामले में असम का अनुपालन कर सकते हैं बाकी राज्य :कटारिया
फाइल फोटो

जयपुर: बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने की जोरदार वकालत करते हुए राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को कहा कि असम में नेशनल सिटिजन रजिस्टर के क्रियान्वयन से सीख लेते हुए बाकी राज्य भी इसका अनुपालन कर सकते हैं. कटारिया ने इस तरह के घुसपैठियों को ‘देशद्रोही’ करार देते हुए कहा, ‘'यह नीतिगत फैसला है. अगर असम द्वारा उठाए गए कदमों के परिणाम आते हैं तो अन्य राज्यों को भी आगे आना चाहिए और कदम उठाने चाहिए, ताकि यहां स्वच्छंद घूम रहे घुसपैठियों को पकड़ा जा सके.'’ 

राजस्थान में भी हैं अवैध बांग्लादेशी- कटारिया
उन्होंने कहा कि राजस्थान भी अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की समस्या से जूझ रहा है और हर साल अनेक ऐसे प्रवासियों को वापस उनके देश भेजा जाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए कोई कड़ा कानून नहीं है. गोकसी और गो तस्करी की समस्या से जुड़े एक सवाल के जवाब में कटारिया ने कहा कि वह एक बार फिर आम लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने का आग्रह करेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे किसी भी मामले की सूचना पुलिस को देनी चाहिए, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके.

कांग्रेस की आवाज अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार पर सीमित
कटारिया ने बीजेपी की प्रस्तावित 'राजस्थान गौरव यात्रा' के बारे में बताते हुए कहा कि यह 58 दिवसीय यात्रा चार अगस्त से शुरू होगी और राजसमंद जिले के चारभुजा नाथ मंदिर में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इसे रवाना करेंगे. यात्रा 6054 किलोमीटर की दूरी तय कर 30 सितंबर को पुष्कर में संपन्न होगी. बीजेपी नेता ने देश में माहौल बिगाड़ने के लिए कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर निशाना साधा और कहा कि वह केवल अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार होने पर ही बोलती है लेकिन अगर किसी हिंदू बच्ची से बलात्कार होता है तो उसके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकलता.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मंदिर यात्राओं पर निशाना साधते हुए कटारिया ने कहा कि यह अच्छी बात है कि राहुल गांधी भाजपा नेताओं से कुछ सीख रहे हैं. कटारिया ने कहा कि मंदिर जाने से उनका कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि उनकी सोच ही सुधरेगी.

(इनपुट भाषा से)