BJP विधायकों पर हो सकता हमला, इसलिए सुरक्षित स्थान पहुंचाया: गुलाबचंद कटारिया

ज़ी मीडिया से खास बातचीत में गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि मेरे ट्राइबल एरिया में हमारे विधायकों पर हमला हो सकता है. 

BJP विधायकों पर हो सकता हमला, इसलिए सुरक्षित स्थान पहुंचाया: गुलाबचंद कटारिया
राजस्थान में सियासी संकट के बीच अब बीजेपी को हमले का डर सताने लगा है.

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के बीच अब बीजेपी को हमले का डर सताने लगा है. गुजरात में बीजेपी विधायको की बाड़ेबंदी पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि उनके विधायकों पर हमला हो सकता है. 

ज़ी मीडिया से खास बातचीत में गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि मेरे ट्राइबल एरिया में हमारे विधायकों पर हमला हो सकता है. बीजेपी की बाड़ेबंदी के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया से सवाल जवाब को पढ़ें-

पहला सवाल- कांग्रेस में संकट है, लेकिन बीजेपी को बाड़ेबंदी को क्यों जरूरी?
जवाब-
ये बाड़ेबंदी नहीं, जैसलमेर में जो हो रहा है, वो बाड़ेबंदी है. सरकार संकट में है. हम पर हमला हो सकता है, इसलिए बीजेपी ने उन विधायकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है, जिसको खतरा है या फिर उस पर दबाव बनाया जा सकता है.

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दूसरा सवाल- आप लोग लगातार विधायकों को अलग-अलग टुकड़ों में दूसरे राज्यों में भेज रहे हो, कुल कितने विधायकों को बाहर भेजने के लिए चिंहित किया है?
जवाब
- ऐसा कुछ नहीं है. कोर्ट का फैसला 11 तारीख को आ आएगा. उसके बाद आगे की रणनीति बनाएंगे.

तीसरा सवाल- कुछ विधायकों ने आने से इंकार कर दिया. उनका कहना है कि केवल उन्हीं को अलग क्यों भेजकर निगरानी की जा रही है?
जवाब
- ऐसा कुछ नहीं है. मेरा ट्राइबल एरिया है, वहां के विधायकों पर हमला हो सकता है. इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पहुंचाने का काम किया.

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चौथा सवाल- वसुंधरा राजे अभी भी केंद्रीय नेताओं से मिल रही हैं. पार्टी के वसुंधरा राजे समर्थकों का कहना है कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को अपनी नाराजगी जताई है कुछ मुद्दों पर?
जवाब
- ऐसा मेरी जानकारी में नहीं है. हमारे यहां नाराजगी की कोई गुजांइश नहीं है. इन परिस्थितियों में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करना सामान्य बात है. कभी केंद्रीय नेता बुलाते हैं तो कभी हम हमारी बात रखने वहां जाते हैं. ये पूरी तरह से सामान्य प्रक्रिया है.

पांचवा सवाल- क्या सदन में बहुमत परीक्षण होना चाहिए?
जवाब
- हां, बिल्कुल होना चाहिए. मैं तो पहले दिन से ही यही बोल रहा था कि बहुमत परीक्षण ही इसका एकमात्र उपाय है. राज्यपाल को भी इतना समय निकालने की जरूरत नहीं थी. स्पीकर महोदय को भी कोर्ट में जाने की आवश्यकता नहीं थी.

छठा सवाल- क्या सरकार बहुमत परीक्षण में पास हो पाएगी?
जवाब- मुझे डाउट लगता अब क्योंकि उनके पास नंबर होते तो वो एक महीने तक होटल में क्यों रहते. मुझे पूरी तरह से डाउट है.