राजस्थान: देवनारायण योजना को लेकर गुर्जरों का विरोध, बोले- सड़कों पर उतरने को होंगे मजबूर

सरकार के इस फैसले पर गुर्जरों ने आपत्ति जताई है. गुर्जर नेताओं ने कॉमन पोर्टल बनाने और योजना का नाम बदलने को लेकर सवाल उठाए हैं.

राजस्थान: देवनारायण योजना को लेकर गुर्जरों का विरोध, बोले- सड़कों पर उतरने को होंगे मजबूर
. कॉमन पोर्टल के लिए सरकार ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर को नोडल एजेंसी बनाया गया है.

जयपुर: राज्य सरकार ने छात्र-छात्राओं के लिए कई विभागों में चल रही स्कूटी योजना के लिए एक ही कॉमन पोर्टल बनाने का फैसला लिया है. पहले उच्च शिक्षा विभाग, गुर्जरों के लिए देवनारायण योजना और स्कूल शिक्षा विभाग समेत कई विभागों में स्कूटी योजना अलग अलग नाम से चल रही हैं लेकिन अब इन सभी योजनाओं को कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के नाम चलाया जाएगा.

वहीं सरकार के इस फैसले पर गुर्जरों ने आपत्ति जताई है. गुर्जर नेताओं ने कॉमन पोर्टल बनाने और योजना का नाम बदलने को लेकर सवाल उठाए हैं. कॉमन पोर्टल के लिए सरकार ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर को नोडल एजेंसी बनाया गया है.

अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से एक कॉमन पोर्टल तैयार कराया जाएगा. इस पर स्कूटी योजनाओं के लिए आवेदन लिए जाएंगे. इस कारण सरकार से निर्देश मिलने के बाद कॉलेज आयुक्तालय ने उच्च शिक्षा में चल रही देवनारायण स्कूटी योजना और मेधावी छात्रा स्कूटी योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया रोक दी है. इससे पहले आयुक्तालय ने इन दोनों योजनाओं के लिए 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे. अंतिम तिथि में महज दो दिन शेष रह गए थे. गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना का नाम बदलना बिल्कुल भी उचित नहीं है.

क्या है देवनारायण योजना?
देवनारायण जी गुर्जरों के लोक देवता हैं. उन्हीं के नाम पर राजस्थान में गुर्जर समाज के लिए देवनारायण योजना लागू की गई थी. इस योजना के जरिए गुर्जर छात्र-छात्राओं को निशुल्क छात्रावास, स्कॉलरशिप और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है. इसके अलावा गुर्जर छात्र छात्राओं को एमबीसी स्कूटी योजना के जरिए स्कूटी भी सरकार द्धारा वितरित की जाती है. फिलहाल गुर्जरों ने देवनारायण स्कूटी वितरण योजना पर विरोध जताया है क्योंकि अब कॉमन पोर्टल पर इस योजना का नाम कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना हो जाएगा.

वहीं सरकार से निर्देश के बाद कॉलेज आयुक्त प्रदीप कुमार बोरड ने  देवनारायण स्कूटी और मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के आवेदन की प्रक्रिया रोक के आदेश दिए. अब जल्दी ही एक कॉमन पोर्टल से आवेदन लिए जाएंगे कि सभी योजनाओं में एकरूपता लाने के लिए ऐसा किया गया है. इसमें किसी भी योजना की स्कूटियों की संख्या और योग्यता में कोई बदलाव नहीं होगा. 

गुर्जर नेता जता रहे आपत्ति
लाभार्थियों के चयन का तरीका भी नहीं बदलेगा लेकिन दूसरी ओर गुर्जर नेता हिम्मत सिंह इस बात से पूरी तरह से खफा हैं. उनका कहना है कि जब फिर गुर्जर छात्र छात्राओं के लिए देवनारायण योजना बनाने का क्या फायदा? यही योजना ही नहीं रहेगी तो देवनारायण बोर्ड तो बन ही नहीं सकेगा. वैसे भी सरकार ने देवनारायण योजना का बजट आवंटित नहीं किया है. पिछली सरकार में पांच साल के लिए 500 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था.

ऐसे में अब सभी योजनाओं को कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के नाम से चलाने जाने से नया विवाद शुरू हो गया है. अब ऐसे में देखना यह होगा कि नए विवाद का क्या रास्ता निकल पाता है?