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जयपुर: गुर्जर नेताओं को करना होगा 10 नवंबर तक इंतजार, 48 लंबित मुकदमों को वापस लेने पर होगा फैसला

बैठक के दौरान गुर्जर आंदोलन के समय से लंबित चल रहे मामलों पर चर्चा की गई. इस दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुकदमे वापस लेने की मांग की. बैठक के बाद एडीजी अपराध बीएल सोनी ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से 10 नवंबर तक के लिए इंतजार करने को कहा है.

जयपुर: गुर्जर नेताओं को करना होगा 10 नवंबर तक इंतजार, 48 लंबित मुकदमों को वापस लेने पर होगा फैसला
बैठक के दौरान गुर्जर आंदोलन के समय से लंबित चल रहे मामलों पर चर्चा की गई.

शरद पुरोहित, जयपुर: गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज पुलिस मुख्यालय में बैठक आयोजित की गई. बैठक में गुर्जर आंदोलन संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, महामंत्री शैलेन्द्र सिंह, विजय बैंसला, भूरा बाबा और जगदीश मलारणा मौजूद रहे. 

बैठक के दौरान गुर्जर आंदोलन के समय से लंबित चल रहे मामलों पर चर्चा की गई. इस दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुकदमे वापस लेने की मांग की. बैठक के बाद एडीजी अपराध बीएल सोनी ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से 10 नवंबर तक के लिए इंतजार करने को कहा है.

वहीं, किरोड़ी सिंह बैंसला ने 10 नवंबर तक के लिए मांगों पर कार्रवाई करने तक का आश्वासन दिया गया है. बैंसला ने साफ कर दिया है कि पुलिस की ओर से जो समय दिया गया है तब तक इंतजार करेंगे, लेकिन अगर उसके बाद भी मांगो पर अमल नही होता है तो कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा.

गुर्जर संघर्ष समिति के महामंत्री शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि वार्ता मे 10 नवंबर तक का समय पुलिस की ओर से मांगा गया है. 1 महीने में मामले पर निर्णय नहीं लेती है या फिर पुलिस सभी मुकदमे वापस नहीं ले लेती है तो आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक बुलाकर गंभीरता के साथ कोई निर्णय लिया जाएगा. शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि आंदोलन के समय के करीब 48 मुकदमे लंबित चल रहे है. जिन पर पुलिस की ओर से अब तक एफआईर नहीं की गई है. 

बैठक के बाद एडिश्नल डायरेक्टर ऑफ जर्नल क्राइम बीएल सोनी ने कहा कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई. संघर्ष समिति की ओर से कुछ मांगे रखी गई थी जिन पर सकारात्मक रुप से चर्चा हुई. आरक्षण के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर भी चर्चा हुई. 1 महीने में इन सभी प्रकरण पर जांच होगी जिसके बाद 10 नवंबर को अगली बैठक आयोजित की जाएगी.