बाड़मेर: ओलों की चादर से पट गया रेगिस्तान, फसलें बर्बाद, रो रहे किसान

बाड़मेर के चौहटन क्षेत्र में बिजली गिरने से 4 ग्रामीणों के झुलसने की जानकारी मिली है. ओलावृष्टि से सैकड़ों की तादात में पक्षियों के मारे जाने की जानकारी मिली है. 

बाड़मेर: ओलों की चादर से पट गया रेगिस्तान, फसलें बर्बाद, रो रहे किसान
बाड़मेर के कई इलाकों में पिछले 2 दिनो में बादल जमकर बरस रहे हैं.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) के कारण पिछले 2 दिनों से बाड़मेर में बारिश (Rain) तांडव मचाते हुए कहर बरपा रही है. लगातार हो रही बारिश के साथ पूरा रेगिस्तानी क्षेत्र ओलों की चादर से पट गया. बड़ी संख्या में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं घटित हुईं. 

बाड़मेर के चौहटन क्षेत्र में बिजली गिरने से 4 ग्रामीणों के झुलसने की जानकारी मिली है. ओलावृष्टि से सैकड़ों की तादात में पक्षियों के मारे जाने की जानकारी मिली है. आज मूसलाधार बरसात के कारण जिला कलेक्टर ने बाड़मेर में स्कूलों की छुट्टियां कर दी. बारिश से आमजन जीवन प्रभावित हुआ है.

बाड़मेर के कई इलाकों में पिछले 2 दिनो में बादल जमकर बरस रहे हैं. इस तूफानी बरसात से कई इलाकों में भारी नुकसान होने की जानकारी मिली है. इलाको में बोई हुई ग्वार, मूंगफली, जीरा, ईसब के फसलें नष्ट हो गई हैं और खासकर ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है. कई जगह मवेशियों और पक्षियों के मरने की जानकारी मिली है. बारिश से मौसम में काफी ठंडापन हो गया.

कई इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं हुई हैं, जिसमें बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों के मारे जाने की जानकारी मिली है. भेड़-बकरियों के समूह पर बिजली गिरने से 40 से ज्यादा बकरियों के मारे जाने की जानकारी मिली है. कई अन्य इलाको में भी भेड़ बकरियों के मारे जाने की जानकारी मिली है. ग्रामीणों का मानना है कि इतनी बरसात बोई हुई फसलों के लिए जबरदस्त नुकसानदेय साबित हो रही है.

बाड़मेर में हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान
सबसे ज्यादा नुकसान बाड़मेर में हुआ है, जहां पर पिछले 2 दिनों से जारी बारिश तांडव मचा रही है. दो दिनों से लगातार हो रही तूफानी बरसात से खासकर ग्रामीण इलाकों में डर और भय का माहौल व्याप्त हो गया. दर्जनों जगह आकाशीय बिजली गिरने के मामले घटित हुए हैं. बाड़मेर शहर में रॉय कॉलोनी के एक रिहायसी मकान में बिजली गिरने से घर में बहुत बड़ा गड्डा हो गया. चौहटन के इलाके में बिजली गिरने से 4 ग्रामीणों के झुलसने की जानकारी मिली हैं. 100 से ज्यादा गांव में ओलावृष्टि होने की सूचनाएं मिल रही हैं. पूरा रेगिस्तान सफेद चद्दर में परिवतर्तित हो गया है. 

बाड़मेर के कलेक्ट्रेट परिसर में भी पानी भरने की जानकारी मिली है. कई इलाको में फसलों में खराबा होने की जानकारी मिल रही है. बाड़मेर के धोरीमन्ना, गुडामलानी, गडरा, शिव, बायतू आदि क्षेत्रों के कई गांवो में ओलावृष्टि और जबरदस्त बारिश होने की जानकारी मिली है. 

जिले कलेक्टर ने की अपील
बाड़मेर अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश शर्मा ने एक अपील जारी करके बताया कि आमजन कच्चे मकानों, विद्युत पोल, पेड़-पौधों आदि से दूरी बनाए रखें. जहां ज्यादा बारिश हो, उस क्षेत्र में बच्चों और बुर्जुगों की मदद करें. ज्यादा बारिश होने पर वाहनों को साइड में खड़ा कर दें. बारिश कम होने पर आगे बढ़ें. बता दें कि रेगिस्तान के लोग अब दुआ कर रहे हैं कि आखिर ये कहर कब बंद होगा और कब लोगों को राहत मिलेगी?