राजस्थान: HC ने रोटेशन से आरक्षण नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका की खारिज, कहा...

अदालत ने माना कि चुनाव प्रक्रिया आरंभ होकर 196 निकायों में से 55 निकायों में चुनाव भी हो चुके हैं. अदालत ने कहा कि इन पदों पर आरक्षण देने के संबंध में बनाई गई नीति को गलत नहीं माना जा सकता.  

राजस्थान: HC ने रोटेशन से आरक्षण नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका की खारिज, कहा...
रोटेशन से आरक्षण नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका खारिज. (फाइल फोटो)

महेश पारिक/जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने शहरी निकायों में मेयर और सभापति के पदों पर एससी और एसटी को रोटेशन से आरक्षण (Rotation Reservation) नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सीके सोनगरा की खंडपीठ ने यह आदेश योगेंद्र कुमार व अन्य की याचिकाओं पर दिया.

अदालत ने माना कि चुनाव प्रक्रिया आरंभ होकर 196 निकायों में से 55 निकायों में चुनाव भी हो चुके हैं. अदालत ने कहा कि इन पदों पर आरक्षण (Reservation) देने के संबंध में बनाई गई नीति को गलत नहीं माना जा सकता. याचिका में राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 (Rajasthan Municipality Act, 2009) की धारा 43 को चुनौती देते हुए कहा गया कि शहरी निकाय में मेयर और सभापति के पद एससी-एसटी वर्ग की जनसंख्या व रोस्टर के आधार पर बारी-बारी से आरक्षित रखने चाहिए थे, जबकि ऐसा नहीं किया गया.

वहीं, याचिका दायर करने के बाद राजस्थान सरकार ने गत 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर पूर्व की व्यवस्था को भूतलक्षी प्रभाव से रद्द कर आरक्षण में लॉटरी का प्रावधान करते हुए हर जनगणना के बाद इस व्यवस्था को नए सिरे से शुरू करना तय कर दिया. इसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आरक्षण का प्रावधान विधि सम्मत है. चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के चलते अदालत को इसमें दखल नहीं देना चाहिए.