जयपुर में हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज 2020 लागू, 3 कमेटी का हुआ गठन

यूनेस्को की सूची में शामिल हैरिटेज सिटी जयपुर को लेकर राज्य सरकार नें हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज-2020 लागू कर दिया गया है.  

जयपुर में हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज 2020 लागू, 3 कमेटी का हुआ गठन
हेरिटेज सिटी के लिए 3 कमेटियों का गठन किया गया है.

रोशन शर्मा/जयपुर: परकोटे में हेरिटेज इमारतों व हवेलियों को बचाने के लिए नगर निगम जयपुर हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज-2020 का लागू कर दिया गया हैं. जयपुर हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज-2020 को लेकर गुरूवार देर रात्र तक, नोटिफिकेशन जारी किया गया. इस एक्ट के तहत हैरिटेज हवेलियों को तीन श्रेणी में बांटा गया है.

दरअसल, यूनेस्को (UNESCO) की सूची में शामिल हैरिटेज सिटी जयपुर को लेकर राज्य सरकार नें हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज-2020 लागू कर दिया गया है. नए बिल्डिंग बॉयलॉज के अनुसार, परकोटे में नॉन कमर्शियल जोन में बनी निजी हवेलियों में कमर्शियल गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दी जा सकेगी.

हालांकि, हवेली के मालिक को सरकार को लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी कि, कमर्शियल गतिविधि संचालित करने पर हवेली के हेरिटेज को नुकसान नहीं पहुंचेगा. अगर हेरिटेज को नुकसान पहुंचता है तो, अनुमति वापस ली जा सकेगी. सरकार के इस फैसले के बाद अब परकोटे में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां (गेस्ट हाउस, होटल, क्राफ्ट सेंटर आदि) संचालित हो सकेंगी. अभी तक इन हवेलियों का केवल आवासीय उपयोग ही किया जा सकता था.

क्या हैं हेरिटेज सिटी के बिल्डिंग बॉयलॉज
राज्य सरकार नें हैरिटेज कन्जर्वेशन एंड प्रोटेक्शन बॉयलॉज लागू किया है. इसको हेरिटेज हवेलियों को तीन श्रेणीयों में बांटा गया है. इसमें नॉन कॉमर्शियल क्षेत्र में व्यापार संचालित हो सकेगा. साथ ही, हेरिटेज हवैलियों से छेड़छाड़ करने पर कानूनन कार्यवाही होगी. हैरिटेज सिटी को लेकर अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है.

जानकारी के अनुसार, हेरिटेज सिटी के लिए 3 कमेटियों का गठन किया गया है. तीन कमेटियों में कुल 45 सदस्य होंगे. स्टेट लेवल कमेटी में कुल 23 सदस्य होंगे. मुख्य सचिव की अध्यक्षा में पहले से कमेटी गठित की गई है. अब इस कमेटी में जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा. चारदिवारी के विधायक विधायक, हैरिटेज सिटी मेयर सहित विभिन्न विभागों के सचिव इसमें शामिल होंगे. वहीं, तकनीकी कमेटी में 13 सदस्य होंगे और राज्य सरकार के चीफ टाउन प्लानर की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

बता दें कि, परकोटे में किसी भी प्रकार के नए निर्माण, ध्वस्तीकरण व पुनर्निर्माण पर पाबंदी रहेगी. मरम्मत या पुनर्निर्माण करवाने पर हेरिटेज कमेटी की अनुमति लेनी होगी. अनुमति मिलने के बाद ही किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करवाया जा सकेगा. फसाड पर अस्थाई होर्डिंग, साइन बोर्ड भी नहीं लगाया जा सकेगा. हवेली के कोर्टियाड (चौक) में निर्माण नहीं हो सकेगा. पेटिंग, पारम्परिक कला या दीवारों पर की गई नक्काशी को बदला नहीं जा सकेगा. मुख्य बाजार में 15 मीटर (जी प्लस 3) व भीतरी गलियों में 12 मीटर (जी प्लस 2) तक ही निर्माण रहेगा. सार्वजनिक पार्किंग को छोड़कर बेसमेंट की अनुमति नहीं होगी.