कोरोना ने लगाई मोहर्रम के हाईदोस पर रोक, इतिहास में पहले नहीं हुआ ऐसा

मिनी उर्स के नाम से मशहूर मोहर्रम के दिन होने वाले हाईदोस कार्यक्रम पर भी पाबंदी लगा दी गई है. 

कोरोना ने लगाई मोहर्रम के हाईदोस पर रोक, इतिहास में पहले नहीं हुआ ऐसा
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अशोक सिंह, अजमेर: इतिहास में पहली बार मोहर्रम के मौके पर हाईदोस का आयोजन नहीं किया जाएगा. इसके लिए जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस गाइड लाइन का हवाला देते हुए आयोजन पर पाबंदी लगा दी है. न ही जिला प्रशासन की ओर से हाईदोस खेलने के लिए तलवारें दी जाएंगी. सामूहिक ताजिए निकालने पर भी प्रशासन की ओर से पाबंदी लगाई गई है.

विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के साथ ही बड़े धार्मिक स्थल को कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले लंबे समय से बंद किया गया है. ऐसे में मिनी उर्स के नाम से मशहूर मोहर्रम के दिन होने वाले हाईदोस कार्यक्रम पर भी पाबंदी लगा दी गई है. 

अजमेर जिला कलेक्ट्रेट में आज मोहर्रम को लेकर जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित एचपी कुंवर राष्ट्रदीप प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही दरगाह अंदर कोट से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे, जहां कलेक्टर और एसपी द्वारा सभी को दिशा निर्देश दिए गए. इस मौके पर अजमेर एसपी को राष्ट्रदीप में मीडिया से बातचीत में बताया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर बड़े आयोजनों पर पाबंदियां लगाई गई हैं, जिसके कारण अजमेर दरगाह में होने वाले मोहर्रम कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों पर भी पाबंदियां बदस्तूर जारी रहेगी. 

उन्होंने कहा कि इस दौरान हाईदोस दो सुबह सामूहिक ताजिया निकालने पर पाबंदी होगी और प्रशासनिक स्तर पर कोई भी आयोजन अदा नहीं करने दिए जाएगी. इसके लिए सभी अंदर कूट दरगाह के सभी पदाधिकारियों से अपील की गई है कि वह इस कार्यक्रम को सुख में रूप से शांतिपूर्ण संपन्न करें और अपनी जरूरी रस्मों को पूरी की जाए. इसे लेकर पुलिस प्रशासनिक तौर पर भी तमाम तैयारियां की जा रही है.