राजस्थान: सचिन पायलट के माथे की शिकन बढ़ा रहे ट्विटर पर गुर्जरों के दागे 8 सवाल

गुर्जर नेता हिम्मत सिंह आरक्षण पर रोजाना डिप्टी सीएम से सवाल पूछकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

राजस्थान: सचिन पायलट के माथे की शिकन बढ़ा रहे ट्विटर पर गुर्जरों के दागे 8 सवाल
आरक्षण आंदोलन की आग अब ट्विटर पर बढ़ने लगी है.

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में गुर्जरों का आंदोलन अब पटरी से उतरकर सोशल मीडिया (Social Media) पर जा पहुंचा है. आरक्षण आंदोलन की आग अब ट्विटर पर बढ़ने लगी है. गुर्जर नेता लगातार सोशल वॉर के लिए सरकार में गुर्जर विधायक और डिप्टी सीएम को निशाने पर ले रहे हैं.

गुर्जर नेता हिम्मत सिंह आरक्षण पर रोजाना डिप्टी सीएम से सवाल पूछकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. एमबीसी आरक्षण से मचे घमासान को लेकर और देवनारायण योजना पर भी हिम्मत सिंह लगातार सवाल दाग रहे हैं. इन्हीं सवालों के लिए दो गुर्जर विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरक्षण और देवनारायण योजना का ख्याल रखने की अपील भी की है. विराटनगर विधायक इंद्राज गुर्जर ने मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखकर कालीबाई भील मेधावी योजना का नाम फिर से देवनारायण स्कूटी योजना करने की अपील की है. इसके अलावा बांदीकुई विधायक गजराज खटाणा एमबीसी आरक्षण कोटे से दूसरी जातियों को आरक्षण न देने का जिक्र किया है.

हिम्मत सिंह के सचिन पायलट से सवाल-

पहला सवाल- देवनारायण स्कूटी योजना का नाम क्यों पोर्टल से हटाया गया? इस साल तो विज्ञप्ति तो जारी हुई, लेकिन अंतिम तारीख 20 नवंबर से पहले ही योजना का नाम पोर्टल से हटा दिया, ऐसा क्यों?

दूसरा सवाल- चालू वित्त वर्ष में देवनारायण योजना का बजट क्यों नहीं मिला?

तीसरा सवाल- डिप्टी सीएम सचिन पायलट आपने विधानसभा चुनाव के वक्त गुर्जर समाज से कहा था कि आप साथ दो तो अकेले ही कबड्डी खेल जाउंगा. समाज ने आपका साथ दिया. गुर्जर समाज ने बड़े बलिदान के बाद देवनारायण योजना प्राप्त की है. यह योजना बंद होने के कगार पर है. कबड्डी खेलना भूल गए.

चौथा सवाल- रीट भर्ती 2018, नर्सिंग भर्ती 2013, रिजर्व पदों पर 4 फीसदी आरक्षण देने की मांग पर एमबीसी युवा चक्कर लगा रहे हैं. आप इनकी वेदना पर कब नजरे इनायत करेंगे? आपको ज्ञापन सौंपे गए, क्या कार्रवाई हुई?
पांचवां सवाल- सचिन पायलट मेरे सवाल करने का अर्थ ये नहीं समझें कि मैं किसी जाति विशेष के बारे में सवाल कर रहा हूं. मेरे सवाल एमबीसी वर्ग के बारे में हैं, जो पांच जातियों का एक वर्ग है. इनकी राजस्थान में एक करोड़ से अधिक जनसंख्या है. इस वर्ग को नजरअंदाज नहीं कर सकते.

छठा सवाल- राजस्थान में संवैधानिक पद पर और शासनकर्ता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. आपकी मजबूरी है कि एक जाति विशेष के बारे में नहीं बोल सकते. शायद आपके इर्द-गिर्द घूमने वाले सलाहकार भी यही राय देते होंगे परंतु साहेब यह एमबीसी वर्ग है, न कि गुर्जर जाति.

सातवां वाल- घोषणा पत्र के बिंदु संख्या 23 में विशेष पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने का वादा किया था, एमबीसी के कितने पद भरे गए?

आठवां सवाल- घोषणा पत्र में सभी वर्गों के विकास की घोषणा की गई लेकिन देवनारायण योजना का नाम ही नहीं. इसके अलावा आपने कहा, सर्वे की कार्रवाई नहीं हो रही तो फिर इस मामले में कारण बताओ नोटिस क्यो जारी हो रहा?

ऐसे में गुर्जर नेताओं के सवालों के बौछारों के बाद अब देखना यह होगा कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट क्या जवाब देते हैं?