हिंगौनियां गौशाला में लगी LED के पोलों में भ्रष्टाचार की खुली पोल! मेयर ने दिए जांच के आदेश

Jaipur News: मेयर डॉक्टर सौम्या गुर्जर ने बताया कि टेंडर में एक लाइट की लागत 36 हजार 300 रुपए निर्धारित की है. इसमें पोल, लाइट और उसे लगाने से लेकर तमाम खर्चे शामिल है.

हिंगौनियां गौशाला में लगी LED के पोलों में भ्रष्टाचार की खुली पोल! मेयर ने दिए जांच के आदेश
हिंगौनियां गौशाला में लगी LED के पोलों में भ्रष्टाचार की खुली पोल! (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: एक सप्ताह पहले नगर निगम ग्रेटर कार्यकारणी की बैठक में हिंगौनियां गौशाला में लगाई जा रहीं LED लाइटों का उठाया मुद्दा गर्माता जा रहा हैं. बिना मेयर के पूछे आयुक्त की ओर से हिंगौनियां गौशाला में लगाई जा रहीं एलईडी लाइटों के पोल में भ्रष्टाचार की पोल खुलती हुई नजर आ रही हैं. मेयर डॉक्टर सौम्या गुर्जर ने जब हिंगौनियां गौशाला का दौरा किया तो सच से पर्दा उठता चला गया.

दरअसल, जयपुर नगर निगम ग्रेटर की मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर शनिवार दोपहर आगरा रोड स्थित हिंगौनिया गौशाला के दौरे पर गई. गौशाला में पिछले दिनों लगाई लाइट के पोल को जब देखा और उसे धक्का मारा तो वह जमीन से उखड़ गया. भ्रष्टाचार के इस पोल की पोल खुलने के बाद मेयर खासी नाराज हुई और उन्होंने वहां अधिकारियों की इस पूरे काम की थर्ड पार्टी जांच करवाने के आदेश दे दिए.

मेयर सौम्या गुर्जर ने बताया कि गौशाला परिसर व उसके आस-पास 270 सोलर की LED लाइट्स लगाने के टेंडर हुए थे. टेंडर शर्तो में पोल को जमीन में 3 फीट गहरा गढ्डा खोदकर लगाना था और ऊपर सीमेंट की पक्की फाउंडेशन बनानी थी. लेकिन मौके पर जब देखा तो पोल 3 की बजाए एक से डेढ़ फीट गहराई में ही लगे थे. ऊपर से सीमेंट-कंक्रीट की पक्की फाउंडेशन भी नहीं बना रखी. जब हाथ से थोड़ा तेज धक्का दिया तो पूरा पोल उखड़कर बाहर आ गया.

मेयर ने हिंगौनियां गौशाला के ऑपरेशन थियेटर सहित गायों के बाडों का भी निरीक्षण किया. यहां पर गायों के इलाज सही समय पर करने के निर्देश दिए. वहीं, मेयर डॉक्टर सौम्या गुर्जर ने बताया कि टेंडर में एक लाइट की लागत 36 हजार 300 रुपए निर्धारित की है. इसमें पोल, लाइट और उसे लगाने से लेकर तमाम खर्चे शामिल है. तय शर्तो के मुताबिक पोल का वजन लगभग 55 से 60 किलो होना चाहिए था, लेकिन मौके पर जब पोल तुलवाया तो वह 44 किलो का ही निकला. 

इसके अलावा पोल लगाने के लिए किया गया काम भी बहुत घटिया क्वालिटी का है. तेज बारिश आ जाए तो मिट्टी बहने के साथ ही पोल साथ में गिर जाए. उन्होंने कहा कि वे इस मामले की थर्ड पार्टी जांच करवाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी.

दरअसल, ये पूरा मामला पिछले दिनों नगर निगम में हुई कार्यकारी समिति की बैठक में उठा था. पार्षदों ने वार्डो में लाइटें नहीं लगने और गौशाला में अनावश्यक लाईटें लगवाने का मामला उठाते हुए विरोध जताया था. पार्षदों ने निगम आयुक्त यज्ञमित्र देव सिंह पर वार्डो में लाइट नहीं लगवाने और मनमर्जी से गौशाला में लाइटें लगवाने का आरोप लगाया था. इस दौरान कुछ पार्षदों ने लाइटों के लिए हुए टेंडर में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए थे. इस पूरे मामले को देखते हुए मेयर ने आज यहां का दौरा कर वास्तविक स्थिति को देखा.

मेयर डॉक्टर सौम्या गुर्जर का कहना हैं की 'ना खाउंगी ना ही खाने दूंगी'. भ्रष्टाचार करने वालों पर एक्शन होना चाहिए. जांच में जो होगा सच सामने आ जाएगा. मार्केट में जिस लाइट की लागत 20 हजार के करीब पड रही है वह नगर निगम की ओर से 36 हजार में उसका खरीदा गया हैं.