गृह मंत्रालय की सभी राज्यों को सलाह, कोई भूखा नहीं सोए

देशव्यापी लॉकडाउन के बाद देशभर में उद्योग धंधे बंद हो गए साथी स्कूल कॉलेज भी बंद हो गए.

गृह मंत्रालय की सभी राज्यों को सलाह, कोई भूखा नहीं सोए
प्रतिकात्मक तस्वीर

विष्णु शर्मा, जयपुर: केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को 21 दिन के राष्ट्रव्यापी कोरोना वायरस (Coronavirus) लॉकडाउन के दौरान प्रवासी कृषि श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के अन्य श्रमिकों को भोजन और आश्रय सहित पर्याप्त सहायता देने के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए लिखा है.

देशव्यापी लॉकडाउन के बाद देशभर में उद्योग धंधे बंद हो गए साथी स्कूल कॉलेज भी बंद हो गए. अचानक हुए लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्याा में लोग दूसरे प्रदेशोंं में फंस गए. इनमें कई लोगोंं के भूखे रहने की शिकायतें मिली. इसके बाद गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखा गया है.

कोई आवाज से बेदखल नहीं करें
केंद्रीय गृह सचिव ने राज्य सरकारों से साफ कहा है कि उनके यहां रहने वाले दूसरे प्रदेशों के छात्रों कामकाजी महिलाओं को मौजूदा आवाज से कोई बेदखल नहीं कर पाए इसका ख्याल रखा जाए. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, खासकर फंसे हुए प्रवासी कामगारों की तकलीफ़ों को कम करने के लिए राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को एनजीओ सहित विभिन्न एजेंसियों को शामिल करने की जरूरत बताई. ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें. 

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सरकारी सिस्टम से आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराएं
राज्यों, संघ शासित प्रदेशों यह सलाह भी दी गई है कि इन कमजोर समूहों को सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाये कि उनके लिए निशुल्क खाद्यान्नों और पीडीएस के माध्यम से अन्य आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं की गई है तथा वितरण प्रणाली को कारगर बनाया गया है.

गृह मंत्रालय का मानना है की इन उपायों की वजह से ऐसे लोगों का अपरिहार्य आवागमन रोकने में मदद मिलेगी.

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करें
गृह मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि राज्यों-केंद्रशासित प्रदेश होटल, किराए पर रहने की जगहें, छात्रावास आदि क्रियात्मक बना रहें और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को कारगर बनाये ताकि छात्रों, कामकाजी महिलाओं तथा छात्रावास मे रहने वालों को सावधानियों की पालना करते हुए मौजूदा सुविधाओं में बने रहने की अनुमति मिल सके.