उदयपुर बना पूरे राजस्थान के लिए मिसाल, होम क्वारंटाइन होकर के खिलाफ एकजुट हुए लोग

अब तक करीब 21 हजार लोगों ने अपने आपको होम क्वॉरेंटाइन कर लिया है, जिसमें 700 से ज्यादा विदेशी भी हैं. 

उदयपुर बना पूरे राजस्थान के लिए मिसाल, होम क्वारंटाइन होकर के खिलाफ एकजुट हुए लोग
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अविनाश जगनावत, उदयपुर: कोरोना संक्रमण ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है, जिससे राजस्थान प्रदेश भी अछूता नहीं रहा है. लेकिन अगर बात उदयपुर की करें तो यहां पर एक ही परिवार के चार लोगों को छोड़ कर अभी तक कोई कोरोना के संक्रमण में नहीं आया है. 

इसका बड़ा कारण जिले में होम क्वॉरेंटाइन को लेकर किए गए प्रयास हैं. अब तक करीब 21 हजार लोगों ने अपने आपको होम क्वॉरेंटाइन कर लिया है, जिसमें 700 से ज्यादा विदेशी भी हैं. 

आदिवासी अंचल उदयपुर जिले में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी. यह चुनौती उस समय और बढ़ गई, जब बड़ी संख्या में प्रवासी लोग अपने घरों की तरफ आना शुरू हुए. ऐसे में इन लोगों को चिन्हित कर अपने घरों में कैद रखना भी जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के लिए बड़ी समस्या बन गया. लेकिन इसको लेकर ग्राउंड जीरो पर हुए बेहतर प्रयासों के चलते उदयपुर जिले के 11 ब्लॉक्स में करीब 72988 लोगों को चिन्हित कर होम क्वॉरेंटाइन किया गया. इनमें से करीब 21680 लोगों ने अपने होम क्वॉरेंटाइन के 14-14 दिनों की अवधि को पूरा कर लिया है. इसमें 740 विदेशी भी शामिल है. 

होम क्वॉरेंटाइन में रहे लोगों को लेकर सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इनमें से एक भी व्यक्ति को कोरोना वायरस के लक्षण भी नहीं मिले. हालांकि लॉके डाउन के चलते यह लोग अभी भी अपने घरों में ही रहेंगे और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी रखेगी. क्वॉरेंटाइन में रखे गए लोगों की सबसे बड़ी संख्या जिले के गोगुंदा, सलूंबर और सराड़ा जैसे आदिवासी क्षेत्र में रही. जहां करीब 25000 लोग होम को रनटाइम में थे. जिले में अभी भी 51128 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है, जिन पर पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीमें नजर बनाए हुए हैं. 

home quarantine people united against covid 19 in udaipur

बहरहाल, चिकित्सा विभाग की सतर्कता और होम क्वॉरेंटाइन में रखे गए लोगों के सहयोग से उदयपुर जिले में कोरोना संक्रमण अपने पैर पसारने में सफल नहीं हो पाया. लेकिन अभी भी 51000 से अधिक लोग होम क्वॉरेंटाइन में रखे गए हैं. ऐसे में कोरोना संक्रमण को अब तक रोकने में सफल हुए चिकित्सा महकमे के सामने होम क्वॉरेंटाइन लोगों की यह संख्या चुनौती बनी हुई है. ऐसे में इन तमाम लोगों को होम क्वॉरेंटाइन की पालना करवानी होगी, जिससे इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.