डीडवाना: प्रशासन की लापरवाही का शिकार हुआ अस्पताल, बन सकते हैं कोटा जैसे हालात

यहां प्रतिदिन ओपीडी 600 के बाहर रहती है. जिसमें ज्यादातर चर्म रोग, पेट से संबंधित रोग, ब्लड प्रेशर, हार्ट से संबंधित रोग के मरीज आते हैं. जिनको सही से उपचार नहीं मिल पाता है. 

डीडवाना: प्रशासन की लापरवाही का शिकार हुआ अस्पताल, बन सकते हैं कोटा जैसे हालात
यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ व शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है.

हनुमान तंवर/डीडवाना: वैसे तो मकराना मार्बल वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल हो चुका है. इसको लेकर बाहर के लोग यह आकलन लगाते हैं कि मकराना में बहुत सारी सुख सुविधाएं होंगी. लेकिन आज हम बात करते हैं मकराना शहर के सरकारी अस्पताल की. जहां आज की परिस्थिति में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है. जबकि इस शहर की आबादी का जायजा लिया जाए तो करीब दो लाख की आबादी का स्वास्थ्य सरकारी अस्पताल के भरोसे ही है. 

वैसो तो यहां बहुत बड़ा एक चिकित्सालय भवन बना हुआ है. जिसमें जो व्यवस्थाएं होनी चाहिए वो व्यवस्थाएं भी नजर नहीं आती. केवल एक भव्य भवन होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता है. यहां प्रतिदिन ओपीडी 600 के बाहर रहती है. जिसमें ज्यादातर चर्म रोग, पेट से संबंधित रोग, ब्लड प्रेशर, हार्ट से संबंधित रोग के मरीज आते हैं. जिनको सही से उपचार नहीं मिल पाता है. 

इसी प्रकार यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ व शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है. जिसके अभाव में यहां के मरीजों को बाहर जाकर उपचार लेना पड़ रहा है. यदि समय रहते सरकार का ध्यान मकराना अस्पताल पर नहीं गया तो यहां पर भी कोटा जैसे हालात बन सकते हैं

वहीं, मकराना के अस्पताल में कार्यरत मेडिकल अधिकारी डॉ प्रदीप शर्मा ने बताया कि मकराना में 7 डॉक्टरों के रिक्त पद हैं. जिसमें सर्जन, फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, गाइनिक, शिशु रोग विशेषज्ञ जैसे मुख्य चिकित्सकों के पद रिक्त हैं. मकराना एक खनिज एरिया है जहां हर रोज दुर्घटना कारित होती रहती है और गरीब मजदूर लोगों को अस्पताल में उपचार नहीं मिल पाता है.

वहीं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मकराना विधायक रूपाराम मुरावतिया ने कहा कि राजस्थान में बच्चों की मौत व मरीजों को चिकित्सकों के अभाव में बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार कोटा में बच्चों की मौत की घटना घटी है ऐसी घटना कभी भी मकराना में भी घट सकती है. 

उन्होंने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार किसी की भी हो, जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा सुविधा मुहैया करानी चाहिए. केवल भव्य बिल्डिंग बन जाने से लोगों को उपचार नहीं मिल पाता है. उन्होंने सरकार व चिकित्सा मंत्री को कई बार अवगत करवाया लेकिन मकराना की ओर सरकार का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है.