कोटा: विभागीय जांच के लिए कोटा ACB लिखेगी फॉरेस्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र

ये अवैध रेती का दोहन राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहा था, जहां घुसना मात्र भी कानूनन अपराध है.

कोटा: विभागीय जांच के लिए कोटा ACB लिखेगी फॉरेस्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र
इस काले खेल में फॉरेस्ट विभाग के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत है.

केके शर्मा, कोटा: दो दिनों पहले कोटा एसीबी द्वारा किए गए फॉरेस्ट गार्ड और कैटल गार्ड ट्रेप मामले में अब फॉरेस्ट विभाग के उच्चाधिकारी ACB के रडार पर है. 

कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी चंद्रशील ने बताया कि जिस तरह से राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य इलाके से 700 ट्रॉलियों के जरिए दिन रात चंबल के किनारों को छलनी कर अवैध रेती और मिट्टी का दोहन करने की तस्वीरें आई हैं, उससे इनकार नहीं किया जा सकता कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस काले खेल में फॉरेस्ट विभाग के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत है. इसके लिए अब कोटा ACB फॉरेस्ट विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखेगी.

एडिशनल एसपी चंद्रशील ने बताया कि ये मामला इसलिए भी बड़ा हो जाता है. ये अवैध रेती का दोहन राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहा था, जहां घुसना मात्र भी कानूनन अपराध है.

गौरतलब है कि दो दिनों पहले एसीबी ने घघटाना वन चौकी पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड दिनेश और कैटल गार्ड मुकेश को चंबल नदी से अवैध रेती दोहन करने की छूट देने के मामले में परिवादी नीरज मीणा से 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. 

साथ ही जब एसीबी की टीम मौके पर पहुंची तो वहां 50 से ज्यादा नावें लगातार रेती निकालने में लगी हुई थी, जिन्हें ट्रेक्टर ट्रॉलियों के जरिये भरकर ले जाया जा रहा था. इसका वीडियो मौके से खुद एसीबी की टीम ने बनाया था. एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पूरे फॉरेस्ट महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.