सब्जी के थोक भावों में रिकॉर्ड तेजी का असर थाली पर, बिगड़ा घर का बजट

अनलॉक फेज में सब्जी कीमतों में रिकॉर्ड इजाफे का दौर है. जुलाई के बाद अगस्त महिने की शुरूआत में कीमतों में जबरदस्त तेजी है. टमाटर कीमतों में सबसे अधिक तेजी है. 

सब्जी के थोक भावों में रिकॉर्ड तेजी का असर थाली पर, बिगड़ा घर का बजट
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: अनलॉक फेज में सब्जी कीमतों में रिकॉर्ड इजाफे का दौर है. जुलाई के बाद अगस्त महिने की शुरूआत में कीमतों में जबरदस्त तेजी है. टमाटर कीमतों में सबसे अधिक तेजी है. जयपुर की मुहाना मंडी में टमाटर की थोक कीमतें 35 से 45 रुपए प्रति किलो पहुंच चुकी है. वहीं, खुदरा कीमतें 50 से 80 रुपए प्रति किलो तक है. आलू कीमतों में भी तेजी का दौर जारी है. 

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वेयरहाउस से आ रहे आलू कीमतों में प्रति क्विंटल 500 रुपए का उछाल आया है. टिण्डा, धनिया, अदरक, अरबी सहित सीजनेबल सब्जी की कीमतों में तेजी जारी है. चालु कलेंडर वर्ष में लगातार दूसरे महिने कीमतों में तेजी है. लॉकडाउन अवधि के मुकाबले कीमतों में 600 प्रतिशत तक की तेजी है. पैट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से सब्ज़ियों की क़ीमतों में इज़ाफ़ा हुआ है, वहीं मानसून में देरी का असर भी सब्जी आपूर्ति पर है.
 
जयपुर सहित प्रदेशभर की सब्जी मंडियों में अधिकतर सब्जियों के थोक भाव दोगुने हो गए हैं. अन्य राज्यों से आ रही सब्जी की कीमतों में दोहरी मार है. एक तरफ मालभाड़ा बढ़ा है. वहीं, दूसरी तरफ मानसून में देरी का असर. इसके चलते आपूर्ति पर सीधा असर है, खास तौर पर सीजनेबल सब्जियां महंगी हुई है. मुहाना मंडी में भी आसपास के किसानों से होने वाली आवक पर सीधा असर है. 

टमाटर की थोक कीमतें में 35 से 45 रुपये प्रति किलो के स्तर पर हो गई है. शिमला मिर्च भी 40 रुपए प्रति किलो थोक में पहुंच गई है. वहीं, टिंडा, अदरक रिकॉर्ड स्तर पर है. अदरक कीमतों में स्टाकिस्ट के चलते तेजी है. वहीं, आलू और प्याज भी कीमतों पर भी स्टॉकिस्ट हावी है. बैंगन और खीरा कीमतें फिलहाल स्थिर है. घीया कीमतों में भी तेजी का दौर जारी है.

कीमतें
टमाटर - 35 से 45 रूपये किलो
लोकी - 15 से 20 रूपये किलो
अरबी - 25 से 30 रूपये किलो
टिन्डे - 40 से 45 रूपये। किलो
मिर्च - 25 से 30 रूपये किलो
खीरा - 20 रूपये किलो
ग्वार फली- 20 से 25 रूपये किलो
अदरक - 70 से 85 रूपये किलो
धनिया - 80 से 120 रूपये किलो
पोदीना- 20 से 25 रूपये किलो
अरबी- 15 से 20 रूपये किलो
नीबूं- 17 से 25 रूपये किलो
प्याज- 15 से 20 रूपये किलो
आलू - 13 से 25 रूपये किलो
यह सभी मुहाना मंडी के थोक भाव हैं.

मंडी कारोबारियों के अनुसार सब्जी कीमतों में तेजी का दौर लगातार जारी रह सकता है. जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तंवर का कहना है की पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से सब्ज़ियाँ महँगी हो गयी है, स्थानीय आवक में कमी के चलते अन्य राज्यों का टमाटर अधिक आ रहा है. आलू कीमतों में भी तेजी का दौर है. मानसून धीमा पड़ने से आस पास से सीजनेबल सब्जियों की आवक घटी है. मांग के मुकाबले आपूर्ति नहीं है. ऐसे में तेजी का दौर फिलहाल जारी रहेगा. 

सब्जीकीमतों में आई महंगाई से उपभोक्ता पर दोहरी मार पड़ रही है. एक ओर जहां पेट्रोल डीजल से परिवहन और अन्य उत्पाद महंगें हो गए है. वहीं, अब सब्जी कीमतों में इजाफे से बचत पर सीधा असर है. मानसून सीजन में कीमतों में इजाफा जारी रहने की पूरी संभावना है. आलू और प्याज कीमतें भी इस समय बढ़त पर है. वर्तमान हालातों को देखते हुए अगस्त महिने में सीजनेबल सब्जियों के लिए उपभोक्ताओं को अधिक दाम चुकाने होंगे. सब्जी कीमतों में इजाफे के साथ ही दलहन कीमतों में भी तेजी का दौर है.

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