लाचार नजर आ रहा कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन, जरूरी सामानों की नहीं हो रही सप्लाई

नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि वीटीएम किट और स्वाब स्टिक खत्म हो चुके हैं. 

लाचार नजर आ रहा कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन, जरूरी सामानों की नहीं हो रही सप्लाई
प्रतीकात्मक तस्वीर.

मुकेश सोनी, कोटा: विश्वव्यापी कोरोना वायरस संकट ने देश सहित प्रदेश को भी हिलाकर रख दिया है. देशभर में मेडिकल इमरजेंसी के हालात हैं. बिना संसाधनों के कोरोना से जंग लड़ना चुनौती बनता रहा है. 

लंबे समय से दवाइयों की नो सप्लाई और शॉर्ट सप्लाई की स्थितियों को झेल रहा मेडिकल कॉलेज का संलग्न चिकित्सा समूह लाचार और बेबस नजर आ रहा है. इधर अस्पताल के लेखाधिकारीगण, ड्रग सप्लायर्स की हाथों की कठपुतलियां बन गए हैं. 

इनके रसूख के आगे अस्पतालों के लेखाधिकारीगण, रिस्क एंड कोस्ट पर भी सामानों की आपूर्ति नहीं करवा पा रहा है. उल्टा संकट की घड़ी में सामान सप्लाई करवाने की बजाय ड्रग सप्लायर्स को लेखा रूल्स से बचाव के मार्ग बता रहे हैं और टेंडर्स में मिलीभगत करके चहेतों को लाभ पहुंचाने के कार्य में लगे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि "कैसे जीतेंगे कोरोना से जंग"?

वीटीएम किट, स्वाब स्टिक खत्म
स्वाइन फ्लू और कोरोना की जांच में काम में आने वाली वीटीएम किट, स्वाब स्टिक शुक्रवार को खत्म हो चुकी है. वीटीएम किट (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया) लगभग 15 सेंटीमेटर लंबी परखनली सामान एयर टाइट नली होती है, जिसमें एक लंबी फाइवर की छड़ी (स्वाब स्टिक) सामान स्टिक रहता है. स्टिक की मदद से मरीज के नाक और गले से सैंपल लिया जाता है और उसे सुरक्षित तरीके से केमेकिल में डालकर नली के ढक्कन को बंद कर उसे माइक्रोनैलॉजी लैब भेजा जाता है. अस्पताल में वीटीएम और स्वाब स्टिक खत्म हो चुकी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वीटीएम और स्वाब स्टिक खत्म होने के कारण शुक्रवार को संदिग्धों के सैंपल नहीं लिए जा सके.

पीपीई किट, मास्क की कमी
पीपीई किट कोरोना के संक्रमण से बचाता है. संक्रमित और संदिग्ध मरीज के सैंपल लेने से लेकर इलाज करने तक अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ इसे पहनते हैं. जानकारी के मुताबिक, नए अस्पताल में ये पीपीई किट खत्म होने के कगार पर है. वो तो शुक्र है कुछ समय पहले एमबीएस अस्पताल ने एडवांस में करीब 2000 पीपीई किट खरीदे थे, जिनमें से करीब 1000 पीपीई किट नए अस्पताल को दे दिए. नए अस्पताल और सुपर स्पेशयलिटी विंग को कुछ समय पहले ही कोरोना जोन बनाया गया है. यहां प्रतिदिन 100 से 150 पीपीई किट की खपत हो रही है. यही हाल एन-95 मास्क और थ्री लेयर मास्क का है. अस्पतालों में मास्क भी सप्लाई नहीं हो रहे.

नए अस्पताल में शुक्रवार की स्थिति
पीपीई किट- 19
वीटीएम किट- खत्म
स्वाब स्टिक- खत्म

नए अस्पताल अधीक्षक का यह है कहना
नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि वीटीएम किट और स्वाब स्टिक खत्म हो चुके हैं. ऑर्डर देने के बाद भी सप्लायर, सामानों की सप्लाई नहीं कर रहे हैं. आज कहीं से इंतजाम करके काम चलाया है. पीपीई किट भी 19 ही बचे हैं. जयपुर से मंगवा लिए.

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि 1 हजार वीटीएम और 700 पीपीई किट जयपुर से मंगवाए लिए हैं. वहीं, डीसीएम की तरफ से 40 और रोटरी क्लब की तरफ से 100 पीपीई किट अस्पताल को डोनेट कर दिए हैं.