गुर्जर समुदाय के साथ राज्य सरकार की हुई अहम बैठक,आरक्षण समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति

गुर्जर समेत पांच जातियों को एमबीसी में दिए गए 5 प्रतिशत आरक्षण को हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद अब राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. 

गुर्जर समुदाय के साथ राज्य सरकार की हुई अहम बैठक,आरक्षण समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति
5 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर सरकार मजबूती के साथ पैरवी करेगी.

जयपुर: गुर्जर समेत पांच जातियों को एमबीसी में दिए गए 5 प्रतिशत आरक्षण को हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद अब राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. गहलोत सरकार गुर्जर समाज का 5 फीसदी आरक्षण बरकरार रखने के लिए हाईकोर्ट में मजबूती से पैरवी करेगी.

आपको बता दें कि, आरक्षण के विरोध में अरविंद शर्मा और बादल वर्मा ने जनहित याचिका दायर की थी. याचिका में यह कहा गया था कि राज्य सरकार ने यह आरक्षण देने के लिए राज्य में आपात परिस्थितियों का हवाला दिया, जबकि ऐसी कोई परिस्थितियां ही नही थी. आंदोलन के 15 दिन बाद जब पूरा मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो सरकार ने मजबूत पैरवी की बात कही.

सरकार के बीच हुए समझौते को लेकर 5 फीसदी आरक्षण के अलावा इस बार नई मांग ये उठी कि गुर्जर समाज को एससी एसटी की तरह सुविधाओं को बढ़ाया जाए. अब गुर्जर समाज को राजनीतिक लाभ के अलावा अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी.

दर्ज मुकदमों के निस्तारण के लिए DIG बनें नोडल अधिकारी

इसके अलावा मुकदमों के निस्तारण के लिए डीआईजी क्राइम को नोडल अधिकारी बनाया गया है. न्यायालयों में विचाराधीन मुकदमों को लेकर सरकार कार्रवाई करेगी .इसके अलावा पिछले कई सालों से अटकी बैकलॉग की भर्तियों का भी जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा.

गुर्जरों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत

सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल उपसमिति की मीटिंग में सरकार के मंत्री विश्वेंद्र सिंह, रघु शर्मा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ चर्चा की. इस दौरान हाईकोर्ट में मामला वापस जाने के बाद गुर्जर आंदोलन के मुखिया कर्नल किरोडी सिंह बैसला ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी करेगी. सरकार से वार्ता पूरी तरह से सकारात्मक हुई. इसके अलावा एससी एसटी की तरह अन्य सुविधाएं भी समाज को दी जाए.

विश्वेंद्र सिंह ने जताया भरोसा, नहीं अटकेगा आरक्षण का मसला

वहीं सरकार में मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भी गुर्जर नेताओ को पूरा भरोसा जताया कि सरकार हाईकोर्ट में मजबूती से पैरवी करेगी. सिंह ने कहा, ''जब सवर्ण समाज को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्ष्ज्ञण कोर्ट में नहीं अटका तो गुर्जरों का 5 फीसदी आरक्षण कैसे अटक सकता है. हमें पूरी उम्मीद है कि इस बार कोर्ट आरक्षण पर रोक नहीं लगाएगा.''

लेकिन सबसे बडा सवाल यही क्या इस बार भी कोर्ट ने गुर्जर आरक्षण पर रोक लगाएगा? क्योंकि आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से ज्यादा हो रहा है. यह चौथी बार हो रहा है जब मामला कोर्ट में अटका है. इससे पहले भी हाईकोर्ट तीन बार गुर्जर आरक्षण पर रोक लगा चुका है. अब देखना यह होगा कि सरकार किस तरह से गुर्जर आरक्षण बरकरार रखने के लिए मजबूत पैरवी करती है.

बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा हुई:

- बैकलॉग में कर सहायक भर्ती,जीएनएम समेत कई भर्तियों में 5 फीसदी आरक्षण अटका पडा है,जल्द से जल्द भर्तियों में आरक्षण का लाभ मिले.
- बैकलॉग की भर्तियों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्ति किया जाए
-राजस्थान सर्विस रूल्स में संशोधन करना चाहिए
- एसबीसी के 1252 लोगों का वेतन नियमित किया जाए
- मृतक कैलाश पाटोली को मुआवजा और परिवार में किसी भी व्यक्ति को नौकरी दी जाए.आंदोलन के दौरान कैलाश पाटोली की मत्यु हो गई थी.