नगर निगम चुनाव: 26 साल में 3 महिला महापौर, 2 BJP और 1 कांग्रेस की, अब एकसाथ 2 महापौर

अभी दोनों ही पार्टियों की नजर ओबीसी महिला उम्मीदवार की सीट पर है और 3 नवम्बर का परिणाम का इंतजार है. 

नगर निगम चुनाव: 26 साल में 3 महिला महापौर, 2 BJP और 1 कांग्रेस की, अब एकसाथ 2 महापौर
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: नगर निगम इस बार इतिहास रचने जा रहा है. इस बार जयपुर को एक साथ दो महिला महापौर मिलेंगी जबकि जयपुर नगर निगम के 26 साल के इतिहास में अब तक केवल 3 महिला महापौर बनी है. इनमें से दो भाजपा की और एक कांग्रेस की रही हैं. इस बार महापौर के पद पर किस पार्टी का खाता खुलेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

जयपुर नगर निगम चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. इस बार एक नहीं दो महिला महापौर जयपुर मेयर की कुर्सी पर काबिज होंगी जबकि पिछले 26 साल में केवल 3 महिला महापौर बनी हैं. इसमें दो भाजपा की और कांग्रेस की बनी है. महिला महापौर के कार्यकाल की बात करें तो महापौर के रूप में कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल ही अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर पाई थीं जबकि पहली महिला महापौर भाजपा की निर्मला वर्मा करीब डेढ़ साल तक महापौर रही थी और उनका निधन हो गया था. 

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इसके बाद भाजपा ने शील धाबाई को महापौर बनाया जो तीन साल रही. धाबाई फिर से चुनावी मैदान में है और सीट भी ओबीसी महिला की है. इस बार भले ही जयपुर में नगर निगम हैरिटेज और नगर निगम ग्रेटर दोनों में ही महापौर का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गया हो लेकिन जयपुर में महापौर के पद के लिए दावेदारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है.

जयपुर नगर निगम के इतिहास को देखे तो नवंबर 1994 में जयपुर को मोहन लाल गुप्ता के रूप में पहला महापौर मिला था. इसके बाद से अब तक 26 साल में जयपुर को 10 महापौर मिले. इनमें केवल 3 महिलाओं को महापौर बनने का मौका मिला. दो महिलाएं निर्मला वर्मा और शील धाबाई निगम के 1999 से 2004 तक के निगम के दूसरे बोर्ड में और ज्योति खंडेलवाल निगम के 2009 से 2014 तक के चौथे बोर्ड में महापौर बनी. खंडेलवाल को मतदाताओं ने सीधे चुना था. खंडेलवाल ने पहली बार महापौर के पद पर कांग्रेस का खाता खोला था.

जयपुर नगर निगम में अब तक 3 महिला महापौर, दो भाजपा की, एक कांग्रेस की
निर्मला वर्मा (भाजपा) - 29 नवंबर 1999 से 16 अगस्त 2001 तक
शील धाबाई (भाजपा) – 4 दिसंबर 2001 से 28 नवंबर 2004 तक
ज्योति खंडेलवाल (कांग्रेस) – 26 नवंबर 2009 से 27 नवंबर 2014 तक

जयपुर नगर निगम को अब तक यह दस महापौर मिले
मोहनलाल गुप्ता, निर्मला वर्मा, पवन शर्मा, शील धाबाई, अशोक परनामी, पंकज जोशी, ज्योति खंडेलवाल, निर्मल नाहटा, अशोक लाहोटी और विष्णु लाटा.
यूं बढ़ते गए निगम में वार्ड और पार्षद
1999 से 2004 के बोर्ड में - 70
2004 से 2009 के बोर्ड में - 70
2009 से 2014 के बोर्ड में - 77
2014 से 2019 तक के बोर्ड में - 91
2020 से बनने वाले दोनों निगमों में - 250

बहरहाल, अभी दोनों ही पार्टियों की नजर ओबीसी महिला उम्मीदवार की सीट पर है और 3 नवम्बर का परिणाम का इंतजार है. पार्टी जिन्हें मेयर बनाना चाहती है वो क्या चुनाव जीतकर आती है या फिर पार्टी बाहरी को मेयर का दावेदार बनाकर मैदान में उतारेगी.