कांग्रेस ने दिल्ली में जारी किया खर्च कटौती का सर्कुलर, उधर जयपुर में 5 स्टार होटल में हो रही थी मीटिंग

वहीं दो 2 दिन पहले की ही बात करें तो राज्य में राहुल गांधी के दो अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित हुए. ये दोनों ही कार्यक्रम पांच सितारा होटलों में थे.

कांग्रेस ने दिल्ली में जारी किया खर्च कटौती का सर्कुलर, उधर जयपुर में 5 स्टार होटल में हो रही थी मीटिंग
बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जयपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल हुए थे (फाइल फोटोः पीटीआई)

जयपुरः देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. पार्टी आलाकमान ने चुनाव के मद्देनजर नेताओं को निर्देश जारी किया है कि वह अपने खर्च में कटौती करें. पार्टी का मानना है कि नेता अपनी हवाई यात्राओं की वजह रेल यात्राओं को तवज्जो दें. लेकिन लगता नहीं है कि पार्टी के नेताओं पर आलाकमान के निर्देशों का कहीं असर दिख रहा है. एक तरफ दिल्ली में जहां इस दिशा में सर्कुलर जारी किया जा रहा था वही दूसरी तरफ जयपुर के पांच सितारा होटल में बैठकर स्क्रीनिंग कमेटी के चेयर पर्सन कुमारी शैलजा प्रदेश इलेक्शन कमेटी के सदस्यों से गुफ्तगू कर रही थीं.

इतना ही नहीं 2 दिन पहले जयपुर में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले राहुल गांधी ने भी यह संवाद पांच सितारा होटल में बैठकर ही किया था. ऐसे में सवाल यह है कि तो कि कांग्रेस के भीतर यह विरोधाभास क्यों है.. क्या ये कायदे नियम कायदे केवल छोटे नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए ही है.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने इस बार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी में आर्थिक संकट का हवाला देते हुए लोगों से जनसंपर्क अभियान शुरू किया था और यह कहा गया था कि पार्टी के पास फंड नहीं है जनता उसकी मदद करें. आज दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी के नेताओं को खर्च में कटौती करने के दिशा निर्देश जारी किए गए और एक बकायदा सर्कुलर जारी हुआ लेकिन कांग्रेस की जमीनी हकीकत बता रही है कि सब आदेश हवा हवाई हैं, कोई इनकी पालना करने को तैयार नहीं है, ना कोई छोटा नेता, ना कोई बड़ा नेता. यहां तक कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी इन आदेशों को नहीं मानते हैं.

2 दिन पहले की ही बात करें तो राज्य में राहुल गांधी के दो अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित हुए. ये दोनों ही कार्यक्रम पांच सितारा होटलों में थे. पहला कार्यक्रम यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ संवाद का था जो कि फाइव स्टार होटल क्लार्क्स आमेर में था और दूसरा कार्यक्रम भी पांच सितारा होटल में ही आयोजित किया गया जिसमें उद्यमियों के साथ राहुल गांधी ने इंटरेक्शन किया था. अब ऐसे में सवाल ये है कि क्या पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब खुद इस सर्कुलर की पालना नहीं कर रहे हैं तो बाकी कार्यकर्ताओं नेताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है.


फोटोः आईएएनएस

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस की उच्चस्तरीय बैठक में खर्च में कटौती के लिए जारी किए गए सर्कुलर बैठक में खर्चों में कमी करने के उपायों को लेकर चर्चा की गई. जारी सर्कुलर में कहा गया है कि पदाधिकारियों का बिजली खर्चा, कैंटीन, स्टेशनरी आदि में कमी की जाए. पदाधिकारी 1400 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए ट्रेन से की जाएं. इससे अधिक का सफर हवाई यात्रा से किया जा सकता है.

प्रदेश महासचिव और सचिवों के लिए पार्टी दफ्तर में कॉमन ऑफिस बनाया जाए. दिल्ली मुख्यालय में भी सचिवों के लिए कॉमन दफ्तर हो. बैठक में पार्टी नेताओं की दलील थी कि भाजपा के पास कॉरपोरेट से पैसा आ रहा है कांग्रेस के पास इस तरह का पैसा नहीं है.लिहाजा खर्च में कटौती करनी पड़ रही है.इससे पहले कांग्रेस पार्टी में आर्थिक संकट का हवाला देकर महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से लोग जनसंपर्क अभियान भी शुरू किया गया था.