राजस्थान किक्रेट एसोसिएशन की बैठक में सीपी जोशी ने ललित मोदी पर साधा निशाना

बीते शुक्रवार अपीलीय अधिकारी भास्कर ए सांवत ने आरसीए की पुरानी कार्यकारिणी को फिर से बहाल कर दिया था.

राजस्थान किक्रेट एसोसिएशन की बैठक में सीपी जोशी ने ललित मोदी पर साधा निशाना
राजस्थान क्रिकेट एसोसियशन की बैठक में अध्यक्ष सीपी जोशी ने ललित मोदी पर कई आरोप लगाए (फोटो साभार-DNA)

आशीष चौहान,जयपुर: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA)की कार्यकारिणी की बहाली के आदेश के बाद रविवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई. इस बैठक के दौरान एडहॉक कमेटी के काम-काज की जांच और उनके किए असंवैधानिक कार्यो को निरस्त करने का निर्णय लिया गया. बैठक के बाद अध्यक्ष सीपी जोशी ने ललित मोदी और उनके समर्थकों पर कई आरोप लगाए. इस बैठक के दौरान दो भागों में बंटे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सीपी जोशी विरोधी गुट ने हिस्सा नहीं लिया.

आपको बता दें कि, राज्य के रजिस्ट्रार (सहकारिता) ने अपने फैसले में सितंबर महीने में आरसीए की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था. जिसके बाद एडहॉक कमेटी को नए सीरे से चुनाव कराने की जिम्मेवारी दी थी. कमेटी आरसीए के नए चुनाव कराने ही वाली थी कि बीते शुक्रवार अपीलीय अधिकारी भास्कर ए सांवत ने इस फैसले को खारिज कर पूरानी कार्यकारिणी को फिर से बहाल कर दिया था.

पूरानी कमिटी की बहाली के बाद सीपी जोशी की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई. जिसमें शामिल होने के लिए सचिव आरएस नांदू को सूचना भेजी गई थी. जबकि कोषाध्यक्ष पिंकेश जैन को इस बैठक के लिए नहीं बुलाया गया. इस बैठक में उपाध्यक्ष मोहम्मद इकबाल, संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर और कार्यकारिणी सदस्य केके निमावत मौजूद रहे. 

बैठक के बाद सीपी जोशी ने आरोप लगाया था कि एडहॉक कमेटी का गठन राजनैतिक कारणों से किया गया था. ऐसे में अब उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की ना सिर्फ जांच की जाएगी. बल्की असंवैधानिक होने पर उन्हें निरस्त भी किया जाएगा. वहीं, सीपी जोशी ने खुद पर लगाए गए भ्रष्टाचार के तमाम आरोपो को सिरे से खारिज करते हुए ये भी कहा था कि जब उन्हें बीसीसीआई से कोई पैसा नहीं मिला तो भ्रष्टाचार कैसे हुआ. उन्होंने ललित मोदी के कार्यकाल में आरसीए को मिले 35 करोड़ रुपयों के खर्च पर सवाल भी उठाए. 

उन्होंने गंगानगर और अलवर जिला संघ के ललित मोदी से जुड़ाव होने और ललित मोदी को हटाने के संबंध में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने के मामले पर पर कहा कि इसके कारण बीसीसीआई में आरसीए की बहाली नहीं हो पा रही है. उन्होंने ललित मोदी समर्थक जिला संघ पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि क्रिकेट में राजनीति नहीं करनी चाहिए.
 
इधर, सचिव आरएस नांदू ने कहा कि इस बैठक को वे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं करते हैं. वे नए सिरे से एग्जीक्यूटिव की मीटिंग का नोटिस जारी करेंगे. क्योंकि सचिव को ही मीटिंग का नोटिस जारी करने का अधिकार हैं.

बहरहाल, एडहॉक कमेटी भंग होने के बाद कार्यकारिणी अमल में आ गई हैं. इसके बावजूद अब भी आरसीए में गुटबाजी लगातार देखने को मिल रही हैं. राज्य के क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गुटबाजी से इतर क्रिकेटहित में फैसले लिए जा सकेंगे.