Mission 2023 की तैयारी में Congress, संगठन का सहारा लेकर जनता की नब्ज समझेंगे Gehlot

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) की जोड़ी ने मिशन 2023 की तैयारी अभी से शुरू कर दी है. 

Mission 2023 की तैयारी में Congress, संगठन का सहारा लेकर जनता की नब्ज समझेंगे Gehlot
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) की जोड़ी ने मिशन 2023 की तैयारी अभी से शुरू कर दी है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पीसीसी चीफ (PCC) ने पदाधिकारियों को जिलों के दौरे के दौरान सरकार (Rajasthan Congress) के कामकाज को लेकर फीडबैक तैयार करने को कहा है. निकाय चुनाव (Local Body Election) खत्म होने के बाद पीसीसी के पदाधिकारी सरकार के कामकाज को लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे रिपोर्ट में सरकार की योजनाओं की कमियों खामियों और उपलब्धियों को लेकर जनता की राय शामिल होगी. पीसीसी की बैठक में प्रस्ताव पारित कर इसे सरकार को भेजा जाएगा ताकि सरकार संगठन के सुझावों के आधार पर अपने कामकाज में सुधार करें. यानी राजस्थान में अब जनता की नब्ज को समझने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत संगठन का सहारा लेने की कवायद में जुटे हैं.

अपने कार्यकाल के तीसरे साल में प्रवेश कर चुकी राज्य की अशोक गहलोत सरकार अब संगठन की सलाह और फीडबैक के आधार पर काम करेगी. प्रदेश कांग्रेस की ओर से पीसीसी के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों के दौरे के दौरान सरकार के कामकाज को लेकर जनता से फीडबैक जुटाने के लिए कहा गया है. 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया है कि प्रदेश के सभी जिलों और गांव ढाणियों में संगठन से जुड़े नेता और कार्यकर्ता सरकार के दो साल के कामकाज को लेकर जनता में क्या प्रतिक्रिया है. जनता सरकार के कामकाज से कितनी संतुष्ट है किस तरह की नाराजगी है जनता की आवश्यकता है क्या है क्या सुधार होना चाहिए इसका फीडबैक लेकर प्रदेश कांग्रेस को भेजेंगे. जिसके बाद प्रदेश कमेटी एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजेगी. 

दरअसल जनता के बीच से सरकार के कामकाज का फीडबैक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संगठन की ओर से देने की इच्छा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई बार सार्वजनिक मंचों से जता चुके हैं. सीएम का मानना है कि संगठन को सरकार के कामकाज का जमीनी फीडबैक  देना चाहिए ताकि सरकार की ओर से जो योजनाएं और कामकाज किए जा रहे हैं उनमें और सुधार किया जा सके.

यही वजह है कि अब कांग्रेस जिला प्रभारी लोगों से सरकार की चल रही योजनाओं को लेकर जमीनी फीडबैक लेने में लगे हैं. वर्तमान में चल रही फ्लैगशिप और जनकल्याणकारी योजनाओं का कितना लाभ लोगों को मिल पा रहा है, स्थानीय प्रशासन में लोगों की कितनी समस्याओं का निस्तारण हो पा रहा है, इसके अलावा लोगों की डिमांड के हिसाब से कौनसी तुंरत लागू किए जाने की जरुरत है, इन सब का फीडबैक जुटाया जा रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पीसीसी के पदाधिकारियों के फीडबैक के आधार पर पार्टी एक रिपोर्ट तैयार करेगी जिसे पीसीसी की बैठक में प्रस्ताव के तौर पर पारित करवाया जाएगा. सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद सरकार उस प्रस्ताव पर अमल करते हुए काम करेगी.

सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह भी मानना है कि पिछले पंचायत और जिला परिषद के चुनाव में कांग्रेस की हार के पीछे बड़ी वजह सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार नहीं होना था. लिहाजा सरकार की ओर से भी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का गांव गांव ढाणी ढाणी प्रचार प्रसार करें और जो कमियां खामियां हैं उनको सरकार को बताया जाए. यानी राजस्थान में सचिन पायलट के अध्यक्ष रहते हुए सत्ता और संगठन के बीच जो तालमेल की कमी थी अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा अब उस तालमेल को बेहतर बनाने की कवायद में जुटे हैं. ताकि मिशन 2023 को लेकर सरकार अभी से तैयारी शुरू कर सकें.

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