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राजस्थान: अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए सरकार करेगी बैठक, योजनाओं पर होगा मंथन

इस दौरान सभी कलक्टरों को जिले में चल रही सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी के साथ ही भविष्य की कार्ययोजनाओ पर मंथन होगा. 

राजस्थान: अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए सरकार करेगी बैठक, योजनाओं पर होगा मंथन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस दौरान मौजूद रहेंगे. (फाइल फोटो)

जयपुर: गहलोत सरकार प्रदेश में पदस्थापित जिला कलेक्टर और एसपी की क्लास लगाने की योजना बना रही है. बजट के बाद अब अगस्त में पहली कलेक्टर और एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी. जिसमें सभी कलक्टरों को जिले में चल रही सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी के साथ ही भविष्य की कार्ययोजनाओ पर मंथन होगा. 

इस दौरान हर जिला कलेक्टर को अपने जिले की पूरी जानकारी पीपीटी प्रजेंटेशन के माध्यम से देनी होगी. जिसके लिए हर कलेक्टर को करीब 10 मिनट का समय दिया जाएगा.

अधिकारियों को निर्देश जारी
प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रविशंकर श्रीवास्तव ने कलक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं. सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिवों को पत्र जारी कर कहा गया है कि सभी विभाग कॉन्फ्रेंस की तैयारी को लेकर आवश्यक तैयारी कर लें. 

काफी महत्वपूर्ण है ये कांफ्रेंस
सरकार ने कांग्रेस के जनघोषणा पत्र को ध्यान में रखकर हाल ही में बजट पेश किया है. सरकार के बजट पेश करने के बाद इस तरह की कॉन्फ्रेंस आयोजित होना महत्वपूर्ण है. जिसमें आगामी वर्ष में सरकार की नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए कलक्टर एसपी से चर्चा की जाएगी. 

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अधिकारी तैयार कर रहे प्रजेंटेशन
इसके लिए सभी विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिवों को प्रजेंटेशन तैयार करना है और विभाग की प्राथमिकताओं और आने वाली समस्याओं को भी सामने रखना होगा. इसके साथ ही उन योजनाओं को धरातल पर उतारने में आने वाली परेशानियों को लेकर कलेक्टर-एसपी के विचार भी सुने जाएंगे. 

बनाई जा रही है कार्ययोजना
अधिकारियों का कहना है कि सरकार की मंशा जनता की भावना के अनुरूप काम करने की है. जिसको अमली जामा पहनाने के लिए इस तरह की कार्ययोजना बनाई जा रही है. 

सीएम भी रहेंगे मौजूद
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस दौरान मौजूद रहेंगे. वो भी अधिकारियों से चर्चा करेंगे. इसके साथ ही सरकार की भावी योजनाओं और लक्ष्यों को सबके सामने रखकर इस पर इम्पलीमेंट के लिए मंथन होगा. सरकार हमेशा आखिरी पंक्ति में खडे व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का ध्यय ध्यान में रखकर कार्य करती है.