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राजस्थान: शिशु सुरक्षा योजना के बावजूद बड़ी संख्या में घरों में हो रहे प्रसव

खबर के मुताबिक वर्ष 2016 से लेकर जनवरी 2019 तक जिले में 5063 ऐसे प्रसव है जो कि घरों में हुए है

राजस्थान: शिशु सुरक्षा योजना के बावजूद बड़ी संख्या में घरों में हो रहे प्रसव
इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के प्रयास विभाग द्वारा किए जा रहे है

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से जननी शिशु सुरक्षा योजना, शुभ धनलक्ष्मी योजना जैसी कई योजनाए प्रदेश के चलाई जा रही है लेकिन इसके बावजूद भी डूंगरपुर जिले में सबकुछ निशुल्क होते हुए भी घरेलू प्रसव हो रहे है. पिछले तीन सालों के विभाग के आंकड़े खुद विभागीय उदासीनता व लापरवाही की पोल खोल रहे है.

खबर के मुताबिक वर्ष 2016 से लेकर जनवरी 2019 तक जिले में 5063 ऐसे प्रसव है जो कि घरों में हुए है. जिसमे चालु वित्तीय वर्ष 2018-19 की बात करें तो डूंगरपुर जिले में अप्रैल से लेकर फ़रवरी माह तक 28 हजार 3 प्रसव तो संस्थागत हुए लेकिन 1200 प्रसव घरो में हुए है.  

वहीं पिछले तीन सालों में घरो में हुए प्रसव की संख्या पांच हजार से ज्यादा है. साल 2016-17 में घरों में हुए प्रसव की संख्या 2163, साल 2017-18 में घरों में हुए प्रसव की संख्या 1700 और 2018-19 फरवरी तक घरों में हुए प्रसव की संख्या 1200 रही. 

इन आंकडों को देखकर आप समझ ही गए होंगे कि सरकार की निशुल्क योजनाओं के बाद भी आखिर किस तरह सरकारी मशीनरी की वजह से ये योजनाएं सफल नहीं हो पाती हैं. खैर जब इस मामले में डूंगरपुर जिले के विभाग के उच्च अधिकारी डूंगरपुर सीएमएचओं से पूछा गया तो उन्होने भी घरों में हो रहे प्रसव की बात को स्वीकारा और कहा इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के प्रयास विभाग द्वारा किए जा रहे है.

बहराल डूंगरपुर जिले का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग घरेलू प्रसवों के आंकड़ो को जागरूकता के माध्यम से आने वाले समय में कम करवाने का दावा तो कर रहे हैं. लेकिन विभागीय अधिकारियों के ये दावें कब पूरे होंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. फिलहाल तो इतना ही कहा जा सकता है कि डूंगरपुर जिले का स्वास्थ्य विभाग सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करने में नाकाम साबित हो रहा है.