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रणथंभौर नेशनल पार्क में फिर सामने आया सांभर के खाद्य अपशिष्ट खाने का मामला

वन्यजीव कचरे एवं अपशिष्ठ से ही अपना पेट भर रहे है, जो उनके जीवन के लिए बहुत खतरनाक है. ऐसा अपशिष्ट खाना उनके जीवन पर भारी पड़ सकता हैं. 

रणथंभौर नेशनल पार्क में फिर सामने आया सांभर के खाद्य अपशिष्ट खाने का मामला
सांभर का कचरा एवं अपशिष्ट खाना बेहद गंभीर मामला है.

राजस्थान: रणथंभौर नेशनल पार्क बाघों एवं अन्य वन्यजीवों के स्वछन्द विचरण को लेकर विश्व स्तर पर अपनी अलग ही पहचान रखता है. बाघों के साथ ही पैंथर, लेपर्ड एवं भालू भी पार्क में अठखेलियां करते हुए आसानी से नजर आते हैं. वन्यजीवों की एक झलक पाने के लिए सैलानी सात समन्दर पार से यहां खिचे चले आते हैं रणथंभोर नेशनल पार्क वन्यजीवो की अठखेलियों को लेकर लगातार सुर्खियो में रहता है.

लेकिन इन दिनों रणथंभोर एक सांभर के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण चर्चा में है. वीडियो में सांभर आरटीडीसी होटल विनायक के परिसर में बने गड्डे में पड़ा कचरा एवं कुछ अन्य अपशिष्ट खाता हुआ दिखाई दे रहा है. वन्यजीव प्रेमियो की मानें तो वन प्रशासन वन्यजीवो की ट्रेकिंग के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन वन्यजीवो की सुरक्षा राम भरोसे ही है.

सांभर का कचरा एवं अपशिष्ट खाना बेहद गंभीर मामला है. वन प्रशासन के लचर रवैया के चलते रणथंभोर के निकट बने कई होटल में हालत बेहद गंभीर है. कई होटलो में कचरा प्रबन्धन का कोई पुखता इंतजाम नहीं है और होटल प्रबन्धन सड़ा गला खाना एवं अन्य अपशिष्ट समाग्री होटल के पीछे जंगल में फेंक देते हैं. ऐसे में वन्यजीव कचरे एवं अपशिष्ठ से ही अपना पेट भर रहे है, जो उनके जीवन के लिए बहुत खतरनाक है. ऐसा अपशिष्ट खाना उनके जीवन पर भारी पड़ सकता हैं. 

सांभर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग के आला अधिकारियो के पास पहुंच गया. उच्च अधिकारियों द्वारा वन प्रशासन एवं आरटीडीसी के अधिकारियो वीडियो पर जानकारी मांगी तो वन प्रशासन हरकत में आया. वन विभाग के अधिकारियो ने टीम बनाकर मौका देखने और नगर परिषद आयुक्त का पत्र लिखने की बात कह रहे है. जानकारी के लिए बताते चले कि पेरीफेरी क्षेत्र में 30 से ज्यादा होटल जंगल से लगी सीमा पर बने हुए हैं. 

हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं हैं. इससे पहले भी कई बार दूसरी निजी होटलों के बाहर फेंके जाने वाले खाने से बाघों के लगातार मूवमेंट के मामले चर्चित रहे हैं. कई होटलों की दिवार के पीछे की और मीट एंव अन्य सड़ा गला खाना फेंकने के लेकर वन विभाग तक आरोप पहुंचे हैं, लेकिन कार्यवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ. कुछ होटल वोले तो जानबूझकर ऐसा करते रहे हैं. इन घटनाओं के बावजूद न तो वन विभाग ने होटलों और जंगल की सीमा पर एहतियातन सुरक्षा के कोई कदम नहीं उठाए और ना ही होटल प्रबन्धन पर किसी तरह की कोई कार्रवाई की गई है.