उदयपुर के इस स्कूल में छात्र मास्क पहन कर करते हैं पढ़ाई, जानिए क्यों...

उदयपुर शहर से सटे मनवाखेडा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र अपने मुंह पर रूमाल और मास्क बांध कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. 

उदयपुर के इस स्कूल में छात्र मास्क पहन कर करते हैं पढ़ाई, जानिए क्यों...
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में धूल के चलते खांसी और सांस की बीमारी होने लगी है.

अविनाश जगनावत/उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाई का खामियाजा पिछले करीब डेढ़ साल से मनवाखेड़ा स्कूल में पढ़ने वाले करीब ढाई सौ बच्चें उठा रहे हैं. स्कूल में पढ़ने आ रहे बच्चों को अपनी कक्षाओं में धूल फांकने को मजबूर होना पड़ रहा है.

उदयपुर शहर से सटे मनवाखेडा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र अपने मुंह पर रूमाल और मास्क बांध कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. यह छात्र पिछले करीब डेढ़ साल से इसी तरह अपने मुंह पर मास्क या रूमाल बांध कर कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं. 

दरअसल, अम्रतम जल योजना के तहत नगर निगम में शहर में भर में सीवरेज लाइव बिछाने को काम शुरू किया था. इसी को लेकर मनवाखेडा में भी करीब डेढ़ साल पहले सीवरेजलाइन डालने के लिए रोड़ की खुराई की गई. कार्य पुरा होने के बाद भी जिम्मेदार ठेकेदार ने रोड़ की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं किया. जिसके चलते यहां से निकलने वाले राहगिरों और क्षेत्रवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

वहीं, रोड से उड़ने वाली धूल से सबसे अधिक परेशानी मनवाखेडा स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को करना पड़ रहा है. आलम यह है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में धूल के चलते खांसी और सर्दी की बीमारी होने लगी है.

ऐसा नहीं है कि अपनी समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों और स्कूल के शिक्षकों ने आवाज नहीं उठाई. कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब लोगों की समस्या का समाधान नहीं हुआ. यहां तक कि करीब दो महीने पहले स्कूली छात्रों और क्षेत्रवासियों ने रोड जाम कर प्रदर्शन किया. इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने रोड़ को एक माह में ठीक करने का आश्वासन दिया, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है.