आयकर विभाग का प्लान 'रिलीफ', स्क्रूटनी के लिए उठाए जाने वाले मामलों में कमी

आयकर विभाग कोविड-19 के चलते बड़े एक्शन, नोटिस और कार्यवाही में नरमी बरत रहा है. 

आयकर विभाग का प्लान 'रिलीफ', स्क्रूटनी के लिए उठाए जाने वाले मामलों में कमी
फाइल फोटो

जयपुर: आयकर विभाग कोविड-19 के चलते बड़े एक्शन, नोटिस और कार्यवाही में नरमी बरत रहा है. यहीं वजह है कि प्रतिवर्ष जांच पड़ताल के लिए उठाई जाने वाली आयकर रिटर्न का आंकड़ा 2018-19 में कुल दायर आयकर रिटर्न के मुकाबले घटकर 0.25 फीसदी रह गया. इससे पहले 2017-18 में यह अनुपात 0.55 फीसदी था। वर्ष 2018-19 में राजस्थान में यह महज 0.13 फीसदी है. वर्ष 2017-18 में यह 0.36 प्रतिशत था.

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केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जांच पड़ताल के लिए उठाई जाने वाली आयकर रिटर्न का आंकड़ा 2018-19 में कुल दायर आयकर रिटर्न के मुकाबले घटकर 0.25 फीसदी रह गया. इससे पहले 2017-18 में यह अनुपात 0.55 फीसदी था. विभाग अब केवल आयकर कानून का प्रवर्तन करने वाली इकाई से आगे बढ़कर टैक्स भुगतान सेवाओं को बेहतर बनाने वाले विभाग के तौर पर अपने में बदलाव ला रहा है. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों के दौरान जांच के लिए चुनी जाने वाली आयकर रिटर्न की संख्या में भारी कमी आई है. 

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक आकलन वर्ष 2015-16 में जांच के लिए चुनी गई कुल रिटर्न की संख्या 0.71 फीसदी थी जो कि 2016-17 में कम होकर 0.40 फीसदी, 2017- 18 में 0.55 फीसदी और 2018-19 में 0.25 फीसदी रह गई. डेटा के मुताबिक आकलन वर्ष 2018-19 में दाखिल कुल रिटर्न की संख्या 2017-18 के मुकाबले बढ़ी है.

वित्त वर्ष कुल आईटीआर स्क्रूटनी मामले
2015-16 25,96,990 0.44
2016-17 31,18,486 0.24
2017-18 31,93,052 0.36
2018-19 37,45,748 0.13

आंकड़ों के मुताबिक स्क्रूटनी के लिए कुल आईटीआर की 2018-19 में राजस्थान में यह महज 0.13 फीसदी है. वर्ष 2017-18 में यह 0.36 प्रतिशत रहा. ओडिशा में आकलन वर्ष 2018-19 के दौरान जांच के लिए उठाये गए मामलों की संख्या घटकर 0.12 फीसदी रह गई जो कि एक साल पहले 0.37 फीसदी पर थी. पंजाब में यह इस अवधि में 0.40 फीसदी से घटकर 2018- 19 में 0.14 फीसदी रह गई. 

राजस्थान में वित्त वर्ष 2018-19 में 37,45,748 आईटीआर भरी गई थी. वर्ष 2017-18 में 31,93,052 आईटीआर भरी गई थी. वर्ष 2015-16 में प्रदेश से आईटीआई भरने वालों का आंकड़ा महज 25,96,990 था. प्रदेश आयकर विभाग मानकर चल रहा है की चालु वित्त वर्ष में नए आईटीआर की संख्या चालीस लाख के पार रहेगी, हालांकि स्क्रूटनी के मामले कोविड-19 से प्रभावित रहेंगे.

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