निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज, निर्दलियों ने बढ़ाई BJP-कांग्रेस की 'चिंता'

आबूरोड नगपालिका में कुल 40 है 40 वार्डो के पार्षद पद को लेकर 11 दिसंबर को मतदान  होगा. पार्षद पद के लिए बीजेपी-कांग्रेस के साथ निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं.  

निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज, निर्दलियों ने बढ़ाई BJP-कांग्रेस की 'चिंता'
सिरोही में नगर पालिका चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है.
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साकेत गोयल/सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका आबूरोड़ में चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. आबूरोड में नगरपालिका चुनाव को लेकर बीजेपी-कांग्रेस दोनों ही दलों ने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है. भाजपा की बात करें तो पार्टी की ओर से चुनाव प्रभारी वासुदेव देवनानी ने मोर्चा संभाला हुआ है तो वहीं कांग्रेस की ओर से सिरोही विधायक संयम लोढ़ा व राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने चुनाव में मोर्चा संभाल रखा हुआ है. 

दरअसल, आबूरोड नगपालिका में कुल 40 है 40 वार्डो के पार्षद पद को लेकर 11 दिसंबर को मतदान  होगा. पार्षद पद के लिए बीजेपी-कांग्रेस के साथ निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं. 11 दिसंबर को मतदाता सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदान करके तय करेंगे.

वहीं, नगपालिका चुनाव को लेकर शहर में दोनों की दलों के प्रमुख मुद्दे सड़क ,पानी,पट्टे व सफाई व्यवस्था हैं. साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है. आबूरोड में जनता जातिवाद से ऊपर उठकर मतदान करती है. जनता विकास व स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर अपना पार्षद तय करेगी. इधर, कांग्रेस व भाजपा दोनों को ही आपसी मतभेद का नुकसान उठाना पड़ेगा.

दोनों ही पार्टियों में अंतरकलह देखने को मिल रही है, जिसका खामियाजा दोनों पार्टी को भुगतना होगा और फायदा निर्दलीय उठाएंगे. आबूरोड नगरपालिका में पालिकाध्यक्ष पद के लिए ओबीसी वर्ग की आरक्षित सीट है. ऐसे में पार्षदों के 11 दिसंबर को मतदान के बाद 20 दिसंबर को पालिकाध्यक्ष के लिए पार्षद अपना पालिकाध्यक्ष तय करेंगे. 
 
नगरपालिका चुनाव को लेकर बीजेपी-कांग्रेस समेत निर्दलीय भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. इस बार बोर्ड बनाने में निर्दलियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. अब ये तो 11 दिसंबर को तय होगा कि ऊंट किस ओर करवट लेता है.