देश में किसी भी चुनौती का मुकाबला करने की क्षमता, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा कदम: बिरला

Rajasthan News: ओम बिरला ने कहा कि दुनिया में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में जो भी लोग काम करते हैं उन्हें पंडित जी के विचारों को देखना, समझना और अपनाना चाहिए. 

देश में किसी भी चुनौती का मुकाबला करने की क्षमता, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा कदम: बिरला
लोकसभा अध्यक्ष हैं ओम बिरला. (तस्वीर साभार-@ombirlakota)

Jaipur: नया भारत आत्म निर्भरता की तरफ बढ़ रहा है और देश में बनने वाली लोकसभा की नई इमारत भी पूरी तरह स्वदेशी होगी. यह कहना है लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का. बिरला ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित व्याख्यानमाला में यह बात कही.

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा कदम
'आत्मनिर्भर भारत सक्षम भारत के विषय पर हुई व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए Om Birla ने कहा कि दीनदयाल जी आत्मनिर्भरता की बात किया करते थे और सच्चे अर्थों में अब भारत आत्मनिर्भरता की तरफ मजबूती से कदम बढ़ा रहा है. Om Birla ने कहा कि दूसरे देशों को भी धानक्या आकर पंडित जी की इस स्थली को देखना चाहिए.

सभी लोगों के विकास से लोकतंत्र बनता है मजबूत
ओम बिरला ने कहा कि अपने नाना-नानी के सानिध्य में किस तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन एक छोटे से गांव में बीता होगा, कितनी विषम परिस्थितियां रही होंगी. लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन के दम पर चरित्र निर्माण के विचारों को स्थापित किया. बिरला ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत हुआ है जब समाज में सभी लोगों के कल्याण की बात की जा सके.

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अंतिम व्यक्ति का कल्याण लोकतंत्र की मूलभूत जरूरत
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार की चर्चा करते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति का कल्याण लोकतंत्र की मूलभूत जरूरत है. बिरला ने कहा कि जब तक समाज में दलित और शोषित को न्याय नहीं दिला पाएंगे तब तक समाज सच्चे अर्थों में समानता की भावना वाला नहीं कहा जा सकता. 

दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को समझने की जरूरत
इस मौके पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए ओम बिरला ने कहा कि दुनिया में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में जो भी लोग काम करते हैं उन्हें पंडित जी के विचारों को देखना, समझना और अपनाना चाहिए. वहीं, बिरला ने कोरोना काल के हालात का भी जिक्र किया.

देश में किसी भी चुनौती का मुकाबला करने की क्षमता
उन्होंने कहा कि इस दौर में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा रही थी, लेकिन भारत ने नई सोच के साथ इस दौर में काम किया. कोविड-19 के समय PPE Kit की सप्लाई चिकित्सा और उनके सहयोगी स्टाफ तक पहुंचाना एक चुनौती था. लेकिन देश में पीपीई किट बनाने को लेकर विचार किया गया और उस पर काम करने का फायदा भी हुआ.आज कोई भी चुनौती आती है तो उसका मुकाबला करने की क्षमता देश में विकसित हो रही है.

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देश बन रहा आत्मनिर्भर
बिरला ने कहा कि पहले पीपी किट से लेकर के छोटी से छोटी जरूरत की वस्तु के लिए हम चीन पर निर्भर थे. लेकिन बहुत थोड़े समय में बड़े स्तर पर बदलाव हो गया. यह सिर्फ और सिर्फ देश की और नेतृत्व की संकल्प शक्ति के चलते ही हो सका है. ओम बिरला ने कहा कि कई बार ऐसे हालात भी बनते थे जब बिना मशीनरी आयात किए काम नहीं चल सकता था, लेकिन इस दिशा में भी अब देश आत्मनिर्भर हो रहा है.

बिरला ने संसद के नए भवन का जिक्र करते हुए कहा कि देश के 130 करोड़ लोगों के लिए संसद भवन लोकतंत्र का मंदिर है. लोकसभा स्पीकर ने पूर्णतः स्वदेशी स्वरूप में नई इमारत को समय में पूरा कराने की बात कही.