Year Ender 2019: भारतीय सेना ने इन मशीनों से आतंकवाद को दिया मुंहतोड़ जवाब

25 मार्च को 4 शिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हुए. बेहद शक्तिशाली शिनूक भारतीय सेना के लिए गेमचेंजर साबित होगा. एंटी टैंक हेलफ़ायर मिसाइल से लैस ये शिनूक हेलीकॉप्टर्स भी अब भारतीय सेना की ताकत को दोगुना कर चुके हैं.

Year Ender 2019: भारतीय सेना ने इन मशीनों से आतंकवाद को दिया मुंहतोड़ जवाब
M-777 हॉविटजर्स तोपों का आधुनिक डिजाइन उन्हें संकरे और पहाड़ी रास्तों पर ले जाने लायक बनाता है.

जयपुर: 2019 का साल भारतीय सेना (Indian Army) के लिए स्वर्णिम काल रहा. इस साल भारतीय सेना ने आतंकिस्तान को हर मोर्चे पर करारा जवाब दिया. चाहे बात घुसपैठ को रोकने की हो या फिर सीमा पर आतंक का मुंहतोड़ जवाब देने की भारतीय सेना ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर पस्त कर दिया और ऐसा इसलिए हो पाया क्योंकि पीएम मोदी ने सेना को आतंक के खिलाफ कार्रवाई की खूली छूट दे दी थी.

साल 2019 की किलिंग मशीन्स
शिनूक हेलीकॉप्टर: 

इस साल मार्च के महीने में लंबे इंतजार के बाद शिनूक हेलीकॉप्टर वायुसेना में शामिल हो गया. 25 मार्च को 4 शिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हुए. बेहद शक्तिशाली शिनूक भारतीय सेना के लिए गेमचेंजर साबित होगा. एंटी टैंक हेलफ़ायर मिसाइल से लैस ये शिनूक हेलीकॉप्टर्स भी अब भारतीय सेना की ताकत को दोगुना कर चुके हैं.

अपाचे हेलीकॉप्टर: 
दुनिया के सबसे शानदार तकनीक वाले युद्धक हेलिकॉप्टर हैं, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है. एक से ज्यादा भूमिका निभाने के लिए मशहूर कॉम्बैट हेलिकॉप्टर 3 सितंबर को भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ.

पनडुब्बी INS खंडेरी: 
भारतीय नौसेना की ताकत INS खंडेरी भी इस साल 28 सितंबर को नौसेना में शामिल हुई. ये एक अटैक सबमरीन है जो 12 हजार किलोमीटर तक गहरे समुद्र में सफर तय कर सकती है. दुश्मन आसानी से इस पनडुब्बी का पता नहीं लगा सकता.

रफाल लड़ाकू विमान:
8 अक्टूबर 2019 में भारतीय वायुसेना को उसका ब्रह्मास्त्र रफाल मिला. फ्रांस में बना ये लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में मई 2020 में शामिल होगा. भारत दुनिया का चौथा देश है जिसके पास रफाल की ताकत है. इस किलिंग मशीन को इसी साल अक्टूबर महीने में भारत को सौंपा गया.

स्पाइक एंटी टैंक मिसाइल:
भारतीय वायु सेना के बालाकोट ऑपरेशन के बाद स्पाइक टैंक मिसाइल का अधिग्रहण किया गया है. भारत ने 240 स्पाइक मिसाइलों के लिए इजरायल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है.

सबमरीन एयरक्राफ्ट पी-8 आई:
भारत में इस साल नवंबर में हुए रक्षा सौदे में नौसेना में 6 नये एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट पी-8 आई की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. ये एयरक्राफ्ट समुद्र में लंबी दूरी तक निगरानी कर सकता है.

सिग साउर असॉल्ट राइफल:
दिसंबर महीन में भारतीय सेना को जम्मू और कश्मीर में ऑपरेशन के लिए नई सिग साउर असॉल्ट राइफल मिली हैं. ये राइफल अमेरिका की बनी हैं. इस राइफल के जुड़ने से जम्मू और कश्मीर में जहां आतंकवाद से लड़ाई में सेना को और ताकत मिलेगी.

M-777 howitzers:
M-777 हॉविटजर्स तोपों का आधुनिक डिजाइन उन्हें संकरे और पहाड़ी रास्तों पर ले जाने लायक बनाता है. पाकिस्तान और चीन से लगी भारतीय सीमा के भौगोलिक परिस्थितियों के देखते हुए ये तोपें काफी उपयोगी होंगी. एम-777 हॉविटजर्स तोपों को भारी वजन उठा सकने वाले चिनूक हेलीकॉप्टर्स से सीधे मोर्चे पर भी पहुंचायी जा सकती हैं. ये तोपें 24 किलोमीटर से लेकर 40 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम हैं.

K-9 वज्र:
के9 वज्र होवित्जर टैंक चारों दिशाओं में घूमकर दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है. इससे पहले भारतीय सेना केसाथ एक जगह पर स्थिर वार करने वाले टैंक थे. के9 वज्र का इस्तेमाल मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों में किया जाएगा. भारत इस श्रेणी की तोपों को पाकिस्तान से सटी अपनी पश्चिमी सीमा पर तैनात करेगा. जो दुश्मनों के लिए साक्षात काल साबित होगा.