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भारत-पाक विवाद: अजमेर शरीफ उर्स में नहीं शामिल हो पाएंगे पाकिस्तानी जायरीन

दरगाह के खादिमो से संपर्क कर भारत पाक तनाव जल्द खत्म होने की दुआ कर रहे हैं. साथ ही ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में हाजरी की भी बेहत तमन्ना लिए हुए हैं. 

भारत-पाक विवाद: अजमेर शरीफ उर्स में नहीं शामिल हो पाएंगे पाकिस्तानी जायरीन
दरगाह दीवान सैय्यद जैनुल आबेदीन अली ने जत्थे को अजमेर नहीं आने की हिदायत दी है

अजमेर: भारत पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते इस बार 500 से ज्यादा पाकिस्तानी जायरीन का जत्था अजमेर शरीफ उर्स में शिरकत नहीं कर पाएगा. भारत में आतंकी हमले और पाकिस्तानी सीमा में आतंकियों के खात्मे के लिए भारतीय सेना की कार्रवाई पाक पीएम इमरान खान के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव जा रही है. इसी के चलते भारत से हर साल प्यार मोहब्बत का संदेश पाने वाले पाक जायरीन इस बार अजमेर उर्स से महरूम रहेंगे. 

गौरतलब है कि विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में हर वर्ष उर्स में 500 से ज्यादा पाकिस्तानी जायरीन का जत्था अजमेर आता है. इस बार दरगाह दीवान सैय्यद जैनुल आबेदीन अली ने इस जत्थे को अजमेर नहीं आने की हिदायत दी है. 

भारत सरकार से भी इन्हें वीजा नहीं देने की अपील की गई थी. दरगाह से जुड़े लोगों का मानना है कि जब तक पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना बंद नहीं करेगा तब तक दोनों मुल्कों में अच्छे रिश्ते कायम नहीं होंगे. ख्वाजा साहब के आगामी 807वें उर्स में शिरकत नहीं कर पाने की वजह से पाकिस्तानी जायरीन अब अपने खुशहाल जीवन और दोनों मुल्क के दरमियान नफरत खत्म होने की दुआ करवा रहे हैं. 

इस सिलसिले में दरगाह के खादिमो से संपर्क कर भारत पाक तनाव जल्द खत्म होने की दुआ कर रहे हैं. साथ ही ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में हाजरी की भी बेहत तमन्ना लिए हुए हैं. अजमेर दरगाह के खादिम पीर सैय्यद नफीस मिया ने बताया कि उनके कई मुरीद हैं जो इस उर्स में नहीं आ रहे मगर अपनी अकीदत के अनुसार ख्वाजा साहब की बारगाह में अपनी हजारी लगवा कर जीवन मे खुशहाली, अमन शांति की दुआ करवा रहे हैं.