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बिहार के बाद राजस्थान में चमकी बुखार को लेकर सतर्क रहने के निर्देश

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट रहने तथा पहले से ही व्यवस्था करने को कहा गया है.

बिहार के बाद राजस्थान में चमकी बुखार को लेकर सतर्क रहने के निर्देश
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: बिहार में एक्यूट इन्सैफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से कई बच्चों की जान जाने की खबरों के बीच राजस्थान सरकार ने चिकित्सा विभाग को इस बारे में सतर्क रहने को कहा है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट रहने तथा पहले से ही व्यवस्था करने को कहा गया है.

उल्लेखनीय है कि 'चमकी बुखार' में बच्चे को लगातार तेज बुखार और शरीर में ऐंठन होती है. कमजोरी की वजह से बेहोशी आती है और शरीर में कंपन के साथ झटके लगते रहते हैं. बिहार में इस रोग के कारण सौ से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और इस मामले में हाल ही में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी है.

गौरतलब है कि बिहार में लगातार चमकी बुखार के कारण बच्चों की मौत हो रही हैं. बिहार में मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (एईएस) की वजह से 144 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है. वहीं, चमकी बुखार के प्रकोप को लेकर कहा जा रहा है कि यह मुख्य रूप से लोगों में जागरुकता नहीं होने की वजह से तेजी से फैला है. 

आपको बता दें, सिर्फ मुजफ्फरपर में अब तक चमकी बुखार से 117 बच्चों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा वैशाली में 12, समस्तीपुर में 5, गया में 6, मोतिहारी और पटना में दो-दो बच्चों की मौत हुई है. चमकी बुखार का कहर ऐसा है कि चार दिनों में अस्पताल में फिर ठीक हो चुके बच्चे की अचानक मौत हो गई है. 

(इनपुट भाषा से भी)