जयपुर में होगा खादी के वैश्वीकरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, रितु बेरी भी लेंगी हिस्सा

एसीएस उद्योग डॉ सुबोध अग्रवाल का कहना हैं कि प्रदेश सरकार की कोशिश हैं कि खादी लोगों के बीच का वस्त्र और विचार बने. पहल रहेगी सम्मेलन में आने वाले सभी लोग खादी का कोई वस्त्र जरुर पहल कर आएं. 

जयपुर में होगा खादी के वैश्वीकरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, रितु बेरी भी लेंगी हिस्सा
प्रदेश सरकार इसके लिए दो दिन सात सत्रों में खादी से जुड़े अहम विषयों पर मंथन करने जा रही है.

जयपुर: राजस्थान सरकार महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष पर खादी के वैश्वीकरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करवा रही है. एचसीएम रीपा सभागार में 30 और 31 जनवरी को आयोजित हो रही इंटरनेशनल कांफ्रेंस को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित खादी के विशेषज्ञ संबोधित करेंगे. उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, CII सीमित बजट और संसाधनों के साथ कांफ्रेंस को बेहतर तरीके से आयोजित करने की तैयारी में है. 

एसीएस उद्योग डॉ सुबोध अग्रवाल का कहना हैं कि राजस्थान सरकार की कोशिश हैं कि खादी लोगों के बीच का वस्त्र और विचार बने. पहल रहेगी सम्मेलन में आने वाले सभी लोग खादी का कोई वस्त्र जरुर पहल कर आएं. प्रदेश में खादी से बड़ी संख्या में बुनकर, कातिन और कार्यकर्ता जुड़े है. खादी उद्योग करीब सात लाख लोगों के लिए आजीविका का साथ है. 

महात्मा गांधी के 150वें वर्ष पर लोगों के दिलों में खादी को उतारने की पहल राजस्थान सरकार कर रही है. इसके लिए उत्पादों पर रिकॉर्ड छूट के साथ विचार मंच तैयार किया जा रहा हैं, जिससे खादी मे इनोवेशन और फैशन शामिल हो. मकसद हैं खादी की बिक्री और मांग में इजाफा. प्रदेश सरकार इसके लिए दो दिन सात सत्रों में खादी से जुड़े अहम विषयों पर मंथन करने जा रही है. इसमें ब्रांडिंग, मॉर्केंटिंग, निर्यात संभावनाओं, फैशन, नई तकनीक, ईको फ्रेंडली उपबंध सहित क्रिएटिव विचारों को स्थान दिया गया है. फैशन डिजाइन रितु बेरी भी सत्र को संबोधित करेंगी. 

एसीएस उद्योग डॉ सुबोध अग्रवाल के अनुसार खादी के वैश्वीकरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में खादी की विकास और विचार यात्रा को समझने का भी अवसर मिलेगा. स्वतंत्रता आंदोलन में खादी की भूमिका सहित युवाओं को खादी से जोड़ने की कोशिश इस कांफ्रेंस में दिखेगा. यहां मिले विचारों को राजस्थान सरकार आगामी बजट में लागू करने की कोशिश करेगी. आयोजन से पहले मीडिया से ग्राम भारती समिति के अध्यक्ष भवानी शंकर कुसुम, सीआईआई राजस्थान के चेयरमैन आनंद मिश्रा, आयोजन समिति के संयोजक गिरधारी सिंह बाफना रुबरू हुए.

राजस्थान सरकार कातिनों, बुनकर और कार्यकर्ताओं को परिश्रम के मुकाबले बेहतर इंसेन्टिव मिले, इसके लिए आगामी बजट में खास प्रावधान कर सकती है. अंतराष्ट्रीय सम्मेलन के जरिए राजस्थान में खादी उत्पादों के प्रोडक्शन को बढ़ाने की कोशिश भी प्रदेश सरकार की है. यही वजह है कि देश विदेश के विशेषज्ञों को भी जयपुर आमंत्रित किया गया है. सम्मेलन में खादी के उत्पादन से रूबरू करवाने के लिए सजीव प्रदर्शनी भी आयोजित होगी.