International Women's Day: धर्म की दीवार तोड़ मीना बनी 'अम्मी' तो इशरत बनी 'यशोदा'

यशोदा पुरस्कार (Yashoda award) से नवाजी गई इशरत ने कोरोना की बेहद विषम परिस्थितियों में धर्म और जाति से ऊपर उठकर मानवता का परिचय देते हुए अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा के साथ निभाया.

International Women's Day: धर्म की दीवार तोड़ मीना बनी 'अम्मी' तो इशरत बनी 'यशोदा'
मीना शर्मा और इशरत बानो.

Jaipur: मुसीबत के आंगन में मातृत्व की छांव के बीच जयपुर (Jaipur) में कोरोना (Corona) हार गया. जब धर्म (Religion) की सारी दीवारों को तोड़ते हुए यशोदा मां और अम्मी जान बनकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने न केवल अपना फर्ज निभाया, बल्कि मानवता (Humanity) का जीता-जागता उदाहरण भी दिया. महिला दिवस (Women's Day) पर आज ऐसी माओं के संघर्ष की कहानी आपको बता रहे हैं, जिनकी बदौलत आज कोरोना हार गया और ममता जीत गई.  

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जब इशरत बन गई मां यशोदा
इनका नाम है इशरत लेकिन अब जयपुर के ईदगाह में इशरत को मां यशोदा के नाम जाना जाता है. यशोदा पुरस्कार (Yashoda award) से नवाजी गई इशरत ने कोरोना की बेहद विषम परिस्थितियों में धर्म और जाति से ऊपर उठकर मानवता का परिचय देते हुए अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा के साथ निभाया. इशरत ने मई जून की भीषण गर्मी के बीच कोरोना को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सबसे संक्रमित जगह पर रहकर भी इशरत ने बिना डरे, बिना रूके, बिना सहमे घर-घर जाकर कोरोना के बचाव का पाठ पढ़ाया. इसलिए इशरत को राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार (National award) से नवाजा गया.

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रामगंज में मीना शर्मा ने निभाया अम्मी जान का कर्तव्य
दूसरी हैं रामगंज (Ramganj) की मीना शर्मा (Meena Sharma). रामगंज, जहां कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हुए. मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद मीना पुलिस से लडकर उन परिवारों तक पहुंची, जहां लॉकडाउन के बीच महिलाओं को सैनेट्री नेपकिन की जरूरत थी. मीना अपने पति के सहयोग से रामगंज की हर गली तक अम्मी जान बनकर पहुंची और महिलाओं की हर संभव मदद की. चाहे कोरोना जांच हो या सर्वे की बात, मीना ने कोरोना के इतने खौफ के बीच हिम्मत हारे बिना अपना कर्तव्य निभाया. हालांकि उन्हें इस बात का मलाल है कि जरूर है कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने फिर भी लॉकडाउन का मानदेय नहीं दिया. मीना के पति श्याम बिहारी शर्मा इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन कोरोना की बेहद मुश्किल घड़ी में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ खतरनाक वायरस का डटकर सामना किया.

2 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ज़ी मीडिया का सलाम
केवल इशरत और मीना ही नहीं, बल्कि राजस्थान (Rajasthan) की 2 लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने मजबूत हौसले से कोरोना को हराया. इसलिए महिला दिवस पर इन तमाम मातृशक्ति को सलाम, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अपना कर्म बखूबी निभाया.