फिल्मी स्टाइल में चोरी को अंजाम देता था उदयपुर का 'बाला' गिरोह, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. इन बदमाशों ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार और राजस्थान में सैकड़ों चोरियों की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की. 

फिल्मी स्टाइल में चोरी को अंजाम देता था उदयपुर का 'बाला' गिरोह, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
गैंग का मुख्य सरगना शहजाद अख्तर है, जो पहले मेरठ की एक अन्य गैंग के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देता था.

उदयपुर: जिले की हिरण मगरी थाना पुलिस (Police Station Hiran Magri) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतर्राज्यीय नकबजन गिरोह (Interstate Cash Gang) का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. बता दें कि इनमें से ज्यादातर चोरों के सिर पर बाल नहीं हैं और ये लोग नकली बाल लगाते थे.

पुलिस की गिरफ्त में आए ये चारों बदमाश कोई मामूली चोर नहीं हैं बल्कि इन्होंने चोरी की वारदातों को अंजाम देने का रिकॉर्ड भी बनाया है. अन्तर्राज्यीय चोरी गिरोह के इन बदमाशों ने पिछले एक साल में चोरी की करीब 350 वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आधा किलो सोना, ढाई किलो चांदी, 48 हजार रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा और एक कार के साथ अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेट भी बरामद की है. 

पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. इन बदमाशों ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार और राजस्थान में सैकड़ों चोरियों की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की. 

इन जगहों पर इन्होंने दिया वारदातों को अंजाम
1. उदयपुर, जयपुर और राजसमंद जिले में करीब चोरी की 40 वारदातें
2. उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़ और इलाहाबाद में चोरी की करीब 170 वारदातें
3. गुजरात के साबरकाटा सहित अन्य इलाकों में चोरी की करीब 9 वारदातें
4. बिहार के औरंगाबाद सहित अन्य इलाकों में दर्जनों चोरी की वारदातें

रूप बदलकर देते थे चोरी की वारदातों को अंजाम
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी कैलाशचंद्र बिश्नाई ने बताया कि इस गैंग का मुख्य सरगना शहजाद अख्तर है, जो पहले मेरठ की एक अन्य गैंग के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देता था. इसके बाद उसने अपनी अलग गैंग बनाई और बड़े ही शातिराना अंदाज में एक के बाद एक सैकड़ों चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. शहजाद की गैंग के तीनों साथी अपना रूप बदलकर चोरी की वारदात को अंजाम देने में उसका सहयोग करते थे. इस दौरान बदमाशों ने जब उदयपुर में एक ही दिन चोरी की तीन वारदातों को अंजाम दिया तो पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो कई अह्म सुराग हाथ लगे. इस आधार पर पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने में सफल रही.

अन्तर्राज्यीय चोर गिरोह के इन सदस्यों ने चोरी की अधिकांश वारदातों को शहर के कॉम्पलैक्स में दिनदहाड़े अंजाम दिया. ये लोग पहले रेकी कर उन कॉम्पलेस को चिन्हित करते थे, जहां पर काई गार्ड नहीं हो. इसके बाद वहां प्रथम तल को छोड़ कर अन्य मंजिलों के सूने फ्लैट में चोरी की वारदात को अंजाम दे कर फरार हो जाते. पुलिस से बचने के लिए बदमाशों ने बाकायदा एक सदस्य के हार्ट पेशेंट होने की मेडिकल फाइल भी तैयार कर रखी थी लेकिन जब यह पुलिस की गिरफ्त में आए तो इनकी कोई भी चाल सफल नहीं हो पाई.

दो कांस्टेबलों ने निभाई मुख्य भूमिका
अन्तर्राज्यीय चोरी गिरोह के इन बदमाशों को पकड़ने में हिरण मगरी थाने के हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह और कांस्टेबल उपेंद्र सिंह की मुख्य भूमिका रही है. इनके इस सराहनीय कार्य के लिए एमपी ने मुख्यालय से दोनों ही पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने की सिफारिश की है.