कोटा: गर्भवती की मौत के बाद जागा अस्पताल प्रशासन, 3 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचल मीणा ने भी गायनिक विभागाध्यक्ष डॉ. ममता शर्मा से मामले की रिपोर्ट तलब की है. 

कोटा: गर्भवती की मौत के बाद जागा अस्पताल प्रशासन, 3 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
कमेटी तीन दिन में प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपेगी.

मुकेश सोनी, कोटा: जेके लोन अस्पताल (JK Lon hospital) में दो दिन पहले गर्भवती को भर्ती नहीं करने और मौत के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागा है. कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है. 

कमेटी तीन दिन में प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपेगी. कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि जेके लोन अस्पताल (JK Lon hospital) में गर्भवती को भर्ती नहीं करने और मौत के मामले में तीन सदस्यीय डॉ. दीप्ती शर्मा, डॉ. ममता शर्मा और डॉ. दीपक शर्मा की जांच कमेटी गठित की है. यह पूरे मामले की जांच कर तीन दिन में प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपेगी. उधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचल मीणा ने भी गायनिक विभागाध्यक्ष डॉ. ममता शर्मा से मामले की रिपोर्ट तलब की है. 

क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि जेके लोन अस्पताल (JK Lon hospital) में आठ माह की गर्भवती द्वारिका बाई को सांस की तकलीफ होने पर परिजन उसे रविवार सुबह 8 बजे लेकर आए. वहां पर चिकित्सक ने उसकी बीपी जांच की और नॉर्मल बताकर भेज दिया. वह निजी अस्पतालों में भी गए, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया, लेकिन सोमवार को परिजन एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई. परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने को लेकर हंगामा कर दिया था.