CM गहलोत के करीबियों पर IT रेड जारी, बड़ी संख्या में काली कमाई उजागर होने की संभावना

राजधानी जयपुर, दिल्ली और मुंबई में टीम कारोबारी समूह पर मारे गए आयकर विभाग की छापे की कारवाई अभी भी जारी है.

CM गहलोत के करीबियों पर IT रेड जारी, बड़ी संख्या में काली कमाई उजागर होने की संभावना
फाइल फोटो

जयपुर: राजधानी जयपुर, दिल्ली और मुंबई में टीम कारोबारी समूह पर मारे गए आयकर विभाग की छापे की कारवाई अभी भी जारी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी और कांग्रेसी नेता राजीव अरोड़ा, धर्मेंद्र राठौड़ सहित अन्य पर मारे गए छापे में बड़ी संख्या में अवैध धन निवेश करने के सबूत मिले हैं. 

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आयकर विभाग को तीनों कारोबारियों से बड़ी संख्या में अन अकाउंडेट धनराशि के निवेश, नकद में लेन-देन, बुलियन ट्रेडिंग के साथ जमीन खरीद में निवेश की जानकारी मिली है. आयकर विभाग ने कुल 33 ठिकानों पर दबिश दी थी, जिनमें से 25 ठिकानों पर आज कार्रवाई जारी है. कारोबारियों के मुख्य ठिकानों पर कल भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है. अभी तक कारोबारियों से पूछताछ जारी है. कांग्रेस के प्रदेश नेता इस कार्रवाई का विरोध जता चुके हैं. वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई को भाजपा का वकील बताया था.

जयपुर में 20 जगह, कोटा में 6 जगह, दिल्ली में 8 जगह और मुम्बई में 9 जगह पर छापेमारी हुई है. अब भी 25 जगहों पर कार्रवाई चल रही है. 3 कारोबारी समूहों पर 33 जगह पर छापे मारे गए हैं.
 बड़ी संख्या में काली कमाई उजागर होने की संभावना है. जाली दस्तावेज, डायरी, डिजिटल डाटा से अहम खुलासे होने की आशंका बनी हुई है. प्रापर्टी में निवेश, नकद धन , बुलियन ट्रेडिंग के सबूत भी मिले हैं. कैश धनराशि के कई जगह पर निवेश के सबूत मिले हैं. होटल, हाइड्रो पॉवर, मेटल, ऑटो सेक्टर, सिल्वर ज्वैलरी, एंटीक उत्पाद सहित अन्य सेक्टर में कारोबार है. कमाई धनराशि का अवैध निवेश करने के सबूत मिले भी अधिकरियों को मिले हैं. यूके, यूएसए सहित विदेशों में भी कारोबार है. आज आयकर विभाग की टीमें लॉकर खोल सकती हैं.

राजस्थान में आए सियासी भूचाल के बीच आयकर विभाग ने भी अपनी कार्रवाई को अनलॉक कर दिया है. कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा और धर्मेंद्र राठौड़ सहित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के परिवार के निकटतम कारोबारी समूह पर मारे गए छापे ने राजनीतिक संकट के बीच नए समीकरणों की ओर इशारा किया है. हालांकि, आयकर विभाग लगातार कह रहा है कि यह छापेमारी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, कारोबारियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी. विदेशों और बुलियन में अवैध निवेश की शिकायत मिली थी, इसके आधार पर छापेमारी की गई है. 

छापेमारी में मिल रही काली कमाई आयकर विभाग की चालू वित्त वर्ष में पहली बड़ी कार्रवाई हो सकती है. विभाग को उम्मीद है कि तीनों कारोबारी समूह से 20 करोड़ से अधिक काली कमाई राजस्व के रूप में अर्जित होगी. विभाग की टीमों ने इस कार्यवाही में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स की मदद सुरक्षा के लिहाज से ली है. जयपुर दिल्ली और मुंबई में जारी कार्रवाई में बड़ी संख्या में दस्तावेज और डिजिटल डाटा जप्त किया गया है. जिनका अन्वेषण आने वाले दिनों में विभाग कैसा रहेगा.

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