इटली में पली-बढ़ी लीला ने भारत में लिए सात फेरे, किया सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा

टली में पली-बढ़ी लड़की ने सात संदर पार आकर भारत की मिट्टी में अपने सुहाग का सिंदूर लगाया.

इटली में पली-बढ़ी लीला ने भारत में लिए सात फेरे, किया सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा
देवउठनी ग्यारस के अबूझ सावे पर हुई अनूठी शादी की खूब चर्चा हो रही है.

जुगल किशोर गांधी, अलवर: इटली में पली-बढ़ी लड़की ने सात संदर पार आकर भारत की मिट्टी में अपने सुहाग का सिंदूर लगाया. लीला ने अपनी जन्मभूमि(BIRTH PLACE)आकर परिजनों के मंगलगीतों के बीच इटली के मंगेतर के साथ सात फेरे लिए.

अलवर(Alwar) जिले के प्रताप सिंह पुरा गांव में हुई इस अनूठी शादी (MARRIAGE) में लीला की शादी में पहुंचे विदेशी मेहमानों (FOREIGNER) का गांव वाले ने जोरदार स्वागत ( WARM WELCOME) किया और शादी समारोह में जमकर झूमे. 

धूमधाम से हुई शादी
विदेशी लड़के के साथ लीला की शादी पूरे भारतीय रीति रिवाज के साथ धूमधाम से हुई. इस मौके पर लीला का पालन-पोषण करने वाले इटालियन माता-पिता ( ITALIYAN PARENTS) मासिमो और कार्ला भी मौजूद रहे. 

अनूठी शादी की हो रही चर्चा
देवउठनी ग्यारस के अबूझ सावे पर हुई अनूठी शादी की खूब चर्चा हो रही है. विदेशों में पली बढ़ी लीला के भारतीय संस्कृति(Indian Culture) से गहरे लगाव देखकर शादी समारोह में मौजूद हर कोई भावुक हो गया. 

अलवर में ही हुआ था जन्म
दरअसल, लीला का जन्म(BIRTH)अलवर के प्रताप सिंह पुरा गांव में हुई थी. लीला का पालन पोषण करने वाले मासिमो और कार्ला उसके दिवंगत पिता सुमेर सिंह के दोस्त हैं. लीला के पिता टूरिस्ट टैक्सी ड्राइवर थे और इटालियन दम्पति को दिल्ली में घुमाते समय 10 जनवरी 1999 को एक एक्सीडेंट में जान गंवा दिया था. 

उसके बाद इटली दम्पति लीला को गोद लेकर इटली चले गए थे. लीला के भाई भानु के मुताबिक इटली दम्पति की उसके पिता सुमेर सिंह के साथ गाढ़ी दोस्ती(CLOSE FRIEND) थी. दोनों जब भी भारत भ्रमण पर आते सुमेर सिंह की गाड़ी में घूमते और उनके घर भी आते थे. पिता की मृत्यु के समय लीला की उम्र (AGE)सिर्फ 9 साल थी. 

भारतीय संस्कृति में रचा बसा था मन
इटली में विदेशी संस्कृति में पली-बढ़ी के दिल में भारतीय संस्कृति रची बसी थी. शादी लायक होने पर इटालियन माता-पिता ( ITALIYAN PARENTS)ने लीला मंगनी इटली के युवक आंदेर के साथ की तो लीला ने शादी अपने गांव में ही करने की इच्छा जताई. 

अलवर में की आकर शादी
लीला को जान से भी ज्यादा चाहने वाले इटालियन दंपति मासिमो और कार्ला ने लीला की ईच्छा का सम्मान करते हुए चार दिन पहले इष्ट मित्रों और लीला के मंगेतर के साथ प्रताप सिंह पुरा गांव पहुंच गए. देवउठनी ग्यारस के अबूझ सावे पर आंदेर और लीला परिणय सूत्र में बंध गए. 

जमकर नाचें विदेशी मेहमान और ग्रामीण
इस शादी समारोह में लीला के भाई के साथ ही गांव के लोग भी शामिल हुए. लीला के भाई ने बैंड-बाजे के साथ बहनोई आंद्रे की बिनौरी और निकासी निकाली  तो लीला के इटालियन पालक माता-पिता खुद को झूमकर नाचने से नहीं रोक पाए.

Edited By: Sujit Kumar Niranjan, News Desk