जयपुर: किस्सा हाकिम की कुर्सी का, 72 साल बाद कलेक्ट्रेट में बने दो इतिहास

पहला इतिहास जगरूप सिंह यादव, पहले ऐसे जयपुर जिले के कलेक्टर रहे, जो इस पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए. आज से पहले कोई भी कलेक्टर इस पद से रिटायर्ड नहीं हुआ और दूसरा इतिहास कि कलेक्ट्रेट के 72 साल में पहली बार RAS अधिकारी को कलेक्टर (मुखिया) की कुर्सी पर बैठाकर जयपुर कलेक्टर का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया.

जयपुर: किस्सा हाकिम की कुर्सी का, 72 साल बाद कलेक्ट्रेट में बने दो इतिहास
72 साल में पहली बार मुखिया की कुर्सी को लेकर जयपुर कलेक्ट्रेट में दो इतिहास बने हैं.

जयपुर: किस्सा जयपुर जिले के हाकिम (मुखिया) की कुर्सी का है. ये किस्सा इसलिए बन गया है क्योंकि 72 साल में पहली बार मुखिया की कुर्सी को लेकर जयपुर कलेक्ट्रेट में दो इतिहास बने हैं. 

पहला इतिहास जगरूप सिंह यादव (Jagroop Singh Yadav), पहले ऐसे जयपुर जिले के कलेक्टर रहे, जो इस पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए. आज से पहले कोई भी कलेक्टर इस पद से रिटायर्ड नहीं हुआ और दूसरा इतिहास कि कलेक्ट्रेट के 72 साल में पहली बार RAS अधिकारी को कलेक्टर (मुखिया) की कुर्सी पर बैठाकर जयपुर कलेक्टर का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया.

जयपुर के 47वें कलेक्टर जगरूप सिंह यादव शुक्रवार को रिटायर्ड हो गए. जगरूप सिंह यादव का सफर कुछ ऐसा रहा कि जहां से कैरियर की शुरुआत की, उसी जयपुर जिले की मुखिया की सीट से रिटायर्ड हुए. नौकरी लगने के बाद ट्रेनिंग और पहली पोस्टिंग जमवारामगढ़ में बीडीओ के पद पर रही और रिटायरमेंट जयपुर कलेक्टर के पद से हुआ. यादव ने 26 दिसंबर 2018 को कलेक्टर का कार्यग्रहण किया था. जयपुर कलेक्ट्रेट के 72 वर्ष के इतिहास में इस पद पर रहते हुए रिटायर्ड होने वाले वे पहले कलेक्टर हैं. 

साथ ही यह पहला अवसर भी है, जब जयपुर कलेक्टर ने एडीएम को चार्ज सौंपा है. इससे पहले जयपुर कलेक्टर का पद खाली नहीं रहा. नए कलेक्टर की नियुक्ति नहीं होने के कारण जगरूप सिंह ने एडीएम प्रथम इकबाल खान को कलेक्टर का चार्ज सौंपा लेकिन इसी के साथ यहां बरसों पुरानी परंपरा को भी तोड़ दिया. इकबाल खान ने चार्ज तो लिया लेकिन इकबाल खान ने कुर्सी से परहेज रखा क्योंकि आज तक कोई RAS अधिकारी इस कुर्सी पर नहीं बैठा. लेकिन जगरूप यादव के आग्रह पर ADM इकबाल खान को मुखिया की कुर्सी पर बैठना पड़ा. हिचकते हुए से ADM इकबाल खान ने जयपुर मुखिया की कुर्सी पर बैठकर जिम्मा संभाला हालांकि अब कुर्सी को नये कलेक्टर का इंतज़ार है.

खान कार्यवाहक कलेक्टर के रूप में संभालेंगे पद
खान कार्यवाहक कलेक्टर के रूप में नए कलेक्टर की नियुक्ति तक इस पद का कार्यभार संभालेंगे. यादव को एडीएम, एसडीएम और कलेक्ट्रेट के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने समारोह आयोजित कर विदाई दी. इस अवसर पर यादव को एडीएम प्रथम इकबाल खान ने स्मृति चिन्ह के रूप में जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी की तस्वीर भेंट की और एडीएम द्वितीय पुरुषोत्तम शर्मा ने साफा पहनाकर स्वागत किया. समारोह में अधिकिारियों-कर्मचारियों ने कलेक्टर यादव के कार्यकाल के दौरान गुजारे संस्मरण को याद किया. 

इधर जयपुर कलेक्टर की नियुक्ति को लेकर शुक्रवार को दिनभर चर्चा बनी रही. कलेक्ट्रेट के कर्मचारी-अधिकारी अपने परिचित अधिकारियों को फोन कर नए कलेक्टर के बारे में पूछते रहे. साथ ही मोबाइल पर डीओपी की वेबसाइट को बार-बार देखते भी रहे. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बाद जयपुर कलेक्टर पर किसी महिला अधिकारी की नियुक्ति हो सकती है.

जगरूप यादव के कार्यकाल में हटाया गया पर्ची सिस्टम
कलेक्टर पद पर रहते हुए 11 माह के जगरूप यादव के कार्यकाल में पर्ची सिस्टम हटाए जाने से सीधे जनसंवाद का सिलसिला प्रारंभ हुआ और आम आदमी को राहत मिली. जयपुर जिले की सभी तहसीलों में रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से किसानों को राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी एवं नक्षा नकल ऑनलाइन मिलने लगी है. यादव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से आग्रह किया कि जिला प्रशासन में ‘जनसुनवाई अधिनियम 2011’ एवं ‘लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम 2012’ के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर आम आदमी को राहत देने का प्रयास किया जाना चाहिए. हर राजकीय कर्मी एक लोकसेवक की भूमिका में है और अगर लोग उससे प्रसन्न नहीं हैं तो उसे आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. जब कोई आदमी एक लोकसेवक होने के कारण हमारे पास आए तो हमें जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से व्यवहार करना चाहिए. 

इस अवसर पर सहायक प्रषासनिक अधिकारी श्री घनश्याम जलूथूरिया, अजीजुल्लाह खान और सहायक कर्मचारी मनभर देवी भी सेवानिवृत्त हुए. इसी तरह डीजे सिस्टम बंद किए जाने, बिना अनुमति जुलूस निकालने, आतिषबाजी पर प्रतिबंध समेत कई निर्णय किए गए.