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जयपुर: गणेश जन्मोत्सव पर निकली सवा लाख लड्डुओं की झांकी, उमड़ी भक्तों की भीड़

लड्डुओं की झांकी में लड्डू बनाने के लिए 2500 किलो घी, 3000 किलो बेसन, 9000 किलो शक्कर और 80 से 100 किलो के बीच मेवा उपयोग में लिया गया.

जयपुर: गणेश जन्मोत्सव पर निकली सवा लाख लड्डुओं की झांकी, उमड़ी भक्तों की भीड़
एक सितंबर को गणपति का सिंजारा मनाया जाएगा.

जयपुर: मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव का श्रीगणेश पुष्य नक्षत्र पर अभिषेक और सवा लाख लड्डुओं की झांकी के साथ हुआ. मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणपति जन्मोत्सव के आयोजनों के तहत बुधवार को लड्डुओं की विशाल झांकी सजी और हजारों दर्शनार्थियों ने वर्ष में जन्मोत्सव पर सजने वाली झांकी के दर्शन किए.

वहीं बुद्धवार की सुबह 5.30 बजे भगवान श्रीगणेश का पुष्य नक्षत्र पर पंचामृत अभिषेक हुआ. उसके बाद भगवान श्रीगणेश को 251 किलो के 2  लड्डू, 51 किलो के 5 लड्डू, 21 किलो के 21 लड्डू, 1.25 किलो के 1100 लड्डू सहित अन्य छोटे अनगिनत लड्डू अर्पित किए गए. लड्डुओं की झांकी में लड्डू बनाने के लिए 2500 किलो घी, 3000 किलो बेसन, 9000 किलो शक्कर और 80 से 100 किलो के बीच मेवा उपयोग में लिया गया.

साथ ही इस अवसर पर भगवान श्री गणेशजी के विशेष मुकुट माणक और पन्ना युक्त मुकुट धारण कराया गया. मंदिर महंत कैलाश शर्मा के अनुसार भक्तजनों का 21, 108, 1008 लड्डू अर्पण का मंत्रोच्चार के बीच आयोजन लगातार चल रहा है. मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया की महोत्सव के पहले दिन भगवान के ध्वज पूजन हुआ और नवीन झंडे धारण करवाए गए.

गुरुवार को सांस्कृतिक व भजन संध्या का शुभारंभ शाम सात बजे ध्रुपद गायन से होगा. यह आयोजन 31 अगस्त तक चलेगा. एक सितंबर को महाराज का सिंजारा मनाया जाएगा. इससे पहले मेहंदी पूजन होगा. गणेशजी महाराज का महंत परिवार की ओर से विशेष रूप से पारंपरिक शृंगार धारण कराया जाएगा. शृंगार का भाव नौलड़ी का नौलखा हार होगा. इसमें मोती, सोना, पन्ना, माणक आदि भाव स्वरूप दर्शाए जाएंगे. बता दें कि इस नौलखा हार बनाने में करीब तीन माह लगे हैं.

इसके साथ रही भक्तों को 3100 किलो मेहंदी का वितरण शाम सात बजे से किया जाएगा. 2 सितंबर की सुबह  गणेश चतुर्थी को मंगला आरती सुबह 3.30 बजे होगी. दोपहर 1.30 से 2:30 बजे तक भगवान को भोग लगाने के लिए पट बंद रहेंगे. 3 सितंबर दोपहर तीन बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. इसमें 80 झांकियां शामिल होंगी. खासतौर पर इस बार शोभायात्रा में हाइड्रोलिक भगवान गणेश की झांकी, चन्द्रयान मिशन को गणेश जी आशीर्वाद देते हुए झांकी बनाई जाएगी. वहीं आमेर के किले पर नोबत नगाड़ो की झांकी होगी जो आकर्षण का केंद्र रहेगी.

बता दें कि पुराणों के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन ही गणपति का जन्म हुआ था. कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है. नियमों के अनुसार गणपति के स्थापित प्रतिमा की पूजा पूरे नौ दिन की जाती है. महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस मौके पर मुंबई के लाल बाग में गणपति की सबसे विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है.