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जयपुर: BJP-कांग्रेस ने निभाई गई बरसों पुरानी परंपरा, दिशा बदलकर फहराया तिरंगा

बरसों पुरानी इस परंपरा में सत्ताधारी पार्टी हमेशा पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके जबकि विपक्षी पार्टी दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके तिरंगा फहराते हैं

जयपुर: BJP-कांग्रेस ने निभाई गई बरसों पुरानी परंपरा, दिशा बदलकर फहराया तिरंगा
बीजेपी ने दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके बड़ी चौपड़ पर ध्वजारोहण किया

जयपुर: प्रदेश में गणतंत्र दिवस परंपरागत तरीके से मनाया गया. लेकिन सबसे बड़ी और पुरानी परंपरा का निर्वहन हुआ राजधानी में बड़ी चौपड़ पर. हर साल की तरह यहां कांग्रेस और बीजेपी ने झंडारोहण किया लेकिन इस बार थोड़ा बदलाव भी देखने को मिला. यह बदलाव सत्ता परिवर्तन के कारण था. अबकी बार कांग्रेस ने पूर्व दिशा की तरफ जबकि बीजेपी ने दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके बड़ी चौपड़ पर ध्वजारोहण किया.

जयपुर में राष्ट्रीय पर्व पर शहर के आम लोगों के बीच बड़ी चौपड़ पर भी झंडारोहण की परंपरा रही है. बरसों पुरानी इस परंपरा में सत्ताधारी पार्टी हमेशा पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके जबकि विपक्षी पार्टी दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके तिरंगा फहराते हैं. इस बार भी परंपरा निभाई गई लेकिन अबकी बार का नजारा 15 अगस्त की तुलना में कुछ अलग था. दरअसल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हो चुका है, लिहाजा सत्ता में आई कांग्रेस ने इस बार पूर्वाभिमुख होकर झंडारोहण किया. 

पूर्वाभिमुख होकर झंडारोहण करने का उल्लास भी कांग्रेस के नेताओं में दिख रहा था. हालांकि पार्टी के ज्यादातर नेताओं को यह नहीं पता कि यह कितनी पुरानी परंपरा है? पीसीसी के संगठन महासचिव महेश शर्मा भी यही कहते हैं कि उन्हें इस परंपरा का इतिहास तो नहीं पता लेकिन इतना जरुर पता है कि वह बचपन से बड़ी चौपड़ पर झंडारोहण देखते हैं.

तो दूसरी तरफ सत्ता से बाहर हुई बीजेपी ने जौहरी बाजार की तरफ देखते हुए दक्षिणाभिमुख होकर बड़ी चौपड़ पर झंडारोहण किया. हार की परछाई बीजेपी के इस कार्यक्रम पर भी दिखी जब कार्यक्रम में बेहद कम लोग पहुंचे. हर बार नेता प्रतिपक्ष विपक्ष की तरफ से बड़ी चौपड़ पर झंडा फहराते हैं लेकिन गुलाब चंद कटारिया की गैरमौजूदगी में इस बार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और 7 बार के विधायक कालीचरण सराफ ने तिरंगा फहराया. सराफ भी इस परंपरा के लिए यही कहते हैं कि यह तो वर्षों से चली आ रही है.

कांग्रेस के महेश शर्मा और बीजेपी के कालीचरण सराफ तो बड़ी चौपड़ पर झंडारोहण का इतिहास नहीं बता पाए, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि लोगों को इस बारे में जरा भी नहीं पता. कांग्रेस के नेता और खादी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन परमानंद पवार बताते हैं की आजादी के समय तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष गोकुल भाई भट्ट के समय यह परंपरा शुरू की गई थी और तब से लगातार यहां पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग झंडारोहण करते रहे हैं.