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जयपुर: मेयर चुनाव में भी बीजेपी को मिली हार, विष्णु लाटा जीते

जयपुर नगर निगम में 91 वार्ड है. अशोक लाहोटी ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद मेयर पद और वार्ड 43 से इस्तीफा दे दिया था

जयपुर: मेयर चुनाव में भी बीजेपी को मिली हार, विष्णु लाटा जीते
अशोक लाहोटी ने विधायक निर्वाचित होने के बाद इस्तीफा दे दिया था.

जयपुर/ रोशन शर्मा: विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद बीजेपी को जयपुर नगर निगम मेयर के चुनाव में एक बार फिर करारी हार का सामना करना पड़ा. जयपुर नगर निगम में करीब 73 फीसदी बहुमत होने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी मनोज भारद्वाज को जयपुर मेयर के उप चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. वहीं बीजेपी के बागी निर्दलीय प्रत्याशी विष्णु लाटा ने एक वोट से जीत दर्ज की. 

मेयर उप चुनाव के लिए बीजेपी ने डिप्टी मेयर मनोज भारद्वाज को मैदान में उतारा था लेकिन बीजेपी के अधिकांश पार्षद भारद्वाज के विरोध में थे. इसके बावजूद बीजेपी ने भारद्वाज को मेयर प्रत्याशी घोषित किया. पार्टी के निर्णय से नाराज विष्णु लाटा ने भारद्वाज के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था. मेयर उप चुनाव के लिए दोपहर 2.30 बजे से शाम पांच बजे तक वोटिंग हुई. नगर निगम के 90 पार्षदों ने वोट कास्ट किया. शाम पांच बजे रिर्टनिंग अधिकारी एडिशनल कलेक्टर थर्ड अरविंद सारस्वत ने लाटा को निर्वाचित घोषित किया. लाटा को 45 और भारद्वाज को 44 वोट मिले. जबकि एक वोट निरस्त घोषित किया गया. 

आपको बता दें जयपुर नगर निगम में 91 वार्ड है. अशोक लाहोटी ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद मेयर पद और वार्ड 43 से इस्तीफा दे दिया था इसलिए उप चुनाव में 90 पार्षदों ने वोट किया. नगर निगम में बीजेपी के 63, कांग्रेस के 18 और निर्दलीय 9 पार्षद है. बीजेपी को तीन निर्दलीय पार्षदों को भी समर्थन प्राप्त था. इसलिए बीजेपी के पास करीब 73 फीसदी तक का बहुमत था. लाटा को 90 में से 45 वोट मिले इसलिए माना जा रहा है कि बीजेपी के 21 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की. 

गौरतलब है कि अशोक लाहोटी के इस्तीफा देने के बाद भारद्वाज को एक्टिंग मेयर बनाया गया था. इस दौरान बीजेपी पार्षदों ने भारद्वाज को मेयर की कुर्सी पर नहीं बैठने दिया. जयपुर जिला प्रभारी राजेंद्र गहलोत और विधायक सतीश पूनिया ने सोमवार को बीजेपी पार्षदों के सामने भारद्वाज का नाम प्रस्तावित किया. इस दौरान भी बीजेपी पार्षदों ने विरोध किया. बीजेपी पार्षदों ने भारद्वाज के खिलाफ ज्ञापन भी तैयार किया था. इस ज्ञापन पर 33 पार्षदों ने साइन किए थे. 

नगर निगम के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
पहली बार नगर निगम के एक बार्ड के पांच साल के कार्यकाल में तीन मेयर बने. साथ ही लाटा जयपुर के पहले मेयर हैं, जो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए. लाटा जयपुर के दूसरे गैर बीजेपी मेयर है. जयपुर नगर निगम का गठन 1994 में हुआ था. पिछले 24 साल में नगर निगम में बीजेपी का बहुमत रहा है. पिछली अशोक गहलोत सरकार ने नगर निगम चुनाव 2009 में मेयर के डायरेक्ट इलेक्शन का प्रावधान लागू किया था. इस दौरान कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल मेयर चुनी गई थी.