Jaipur Metro के सहारे दौड़ेगा 'परकोटे का बिजनेस', बाजारों को मिली संजीवनी

राजधानी जयपुर की चारदीवारी का ऐतिहासिक बाजार परकोटे से बाहर की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ.

Jaipur Metro के सहारे दौड़ेगा 'परकोटे का बिजनेस', बाजारों को मिली संजीवनी
फाइल फोटो

जयपुर: राजधानी जयपुर की चारदीवारी का ऐतिहासिक बाजार परकोटे से बाहर की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ. ग्राहकों की बेरूखी के चलते बड़े और स्थापित कारोबारियों को अपने शौरुम और दूकाने चारदीवारी के दायरे के बाहर खोलने पड़े. वजह था यातायात जाम और पॉर्किंग. जयपुर मेट्रो ने एक झटके में उनकी समस्या को हल कर दिया. वर्षों के इंतजार के बाद जयपुर मेट्रो हेरिटेज सिटी के नीचे दौड़ रही है. कारोबारियों को उम्मीद हैं कि यह रफ्तार उनके कारोबारी सपनों में भी रंग भरेगी.

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चारदीवारी में जयपुर मेट्रो की सेवाएं शुरू हो गई है. कारोबारियों को उम्मीद हैं की इससे यातायात जाम के चलते परकोटे में खरीददारी नहीं करने वाला ग्राहक वापस जुड़ेंगा. कोरोना संक्रमण के चलते प्रभावित हुए बाजारों की ग्राहकों के आने से रौनक बढ़ेगी. परकोटे में करीब चालीस हजार दूकानें थोक और खुदरा भावों की है. इनमें से करीब 15 हजार दूकानें और ऑफिस मेट्रो के दायरे में होंगे. गारमेंट, इलेक्ट्रोनिक, ऐसेसरीज, किराना, ज्वैलरी सहित कई सेक्टर में करोड़ों का कामकाज होता है. 

मेट्रो की रफ्तार से बिजनेस को गति मिलने की संभावना कारोबारी जता रहे हैं. नंदकिशोर मेघराज ज्वैर्ल्स के आशीष मेघराज का कहना है कि फिलहाल कोविड पेडमिक के चलते बाजार में ग्राहक कम आ रहे है, लेकिन जब इस बीमारी को हराएगें तो जयपुर मेट्रो चारदीवारी के बाजारों में पहुंचने का सबसे किफायती साधन होगी. इससे ना केवल जौहरी बाजार को साथ ही किशनपोल बाजार, चौड़ा रास्ता, घी वालों का रास्ता, चांदपोल बाजार, त्रिपालिया बाजार, हवामहल बाजार सहित कटले की दूकानों में ग्राहकी बढ़ेगी.

15 हजार दूकानें और ऑफिस मेट्रो से कवर
1 लाख लोग चारदीवारी के बाजारों में करते है काम

इन बाजारों में बढ़ेगा फुटफॉल
जौहरी बाजार, किशनपोल बाजार, चौड़ा रास्ता, घी वालों का रास्ता, चांदपोल बाजार, त्रिपालिया बाजार, हवामहल बाजार, रामगंज बाजार, गणगौरी बाजार, लालजी सांड का रास्ता सहित कटले की दूकानों में ग्राहकी बढ़ेगी.

वर्ष 2021 अंत तक 50 हजार ग्राहक बढ़ने की उम्मीद
जयपुर सराफा संघ के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि आने वाला वक्त मेट्रो का है, आसपास की 15 हजार दूकानें और एक लाख लोगों की आजीविका का भार अब जयपुर मेट्रो के कंधों पर है. मानसरोवर से बड़ी चौपड़ कम समय में पहुंच सकेंगे और यहां से ई रिक्शा मददगार होंगे. सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार को मेट्रो का ई- लोकर्पण किया था. मेट्रो ट्रेन फेज-1बी का यह प्रोजेक्ट 1126 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इस प्रोजेक्ट का काम मार्च 2014 में शुरू हुआ था और इसे मार्च 2018 में इसे पूरा होना था. मेट्रो 26 मिनट में 11.3 किलोमीटर का सफर तय करेगी. चांदपोल से लेकर बड़ी चौपड़ के बीच का किराया 6 रुपया रखा गया है. वहीं, बड़ी चौपड़ से लेकर मानसरोवर के बीच का किराया 22 रुपये रखा गया है.

मेट्रो के रूट को लेकर राजनीति होती रही है, लेकिन जयपुर की हदयस्थली चौपड़ पर मेट्रो पहुंचने के बाद कारोबारियों के चेहरे पर दिख रहा संभावनाओं का सकून इस निवेश को सार्थक करेगा. कारोबारियों को उम्मीद है कि यहां का निखरने वाला बाजार सरकार की आर्थिक सेहत भी मजबूत करेगा.

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