close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जयपुर: नई औद्योगिक नीति को CM ने दिया ग्रीन सिग्नल, प्रदेश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

नई औद्योगिक नीति के बाद इसके 70 हजार करोड़ एकड़ तक विस्तारित होने की संभावना है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निवेश प्रावधानों को सहमति प्रदान कर दी है. 

जयपुर: नई औद्योगिक नीति को CM ने दिया ग्रीन सिग्नल, प्रदेश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
राजस्थान की यूएसपी नए निवेश को लुभाने वाली है.

जयपुर: राजस्थान को नई औद्योगिक निवेश नीति मिलने वाली है. प्रदेश में वर्तमान में 48,399 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि है. नई औद्योगिक नीति (industrial policy) के बाद इसके 70 हजार करोड़ एकड़ तक विस्तारित होने की संभावना है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) ने निवेश प्रावधानों को सहमति प्रदान कर दी है. एक अंतिम दौर की बातचीत सीएम के साथ उद्योग विभाग की होगी. इसके बाद उद्योग विभाग तारीख तय कर इसे लॉच करेगा.

नए प्रावधानों में सस्ती बिजली, भूखंड उपलब्धता, निजी औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री, पर्यावरण हितैषी उपबंधों, हैंडीक्राफ्ट, होटल, टैक्नो बेस्ड स्टार्टअप्स सहित क्षेत्र विशेष और क्लस्टर आधरित निवेश पर फोकस है. वहीं सरकारी मंजूरियों और नीतियों में सरलीकरण के भी प्रयास किए गए हैं. कर्ज उपलब्धता के लिए बैंकों के साथ साथ स्टेट फंड भी असरदार साबित हो सकता है.

राजस्थान (rajasthan) की यूएसपी नए निवेश को लुभाने वाली है. यहां जमीन, कुशल मानव श्रम, शांत औद्योगिक वातावरण और उम्दा परिवहन की सेवाएं निवेश के साथ इंवेस्टमेंट रिटर्न को बेहतर बनाती है. लेकिन बावजूद इनके नीतिगत फैसलों में देरी से देशी और विदेशी निवेशकों को मरूधरा से दूर रखे हुए है. गहलोत सरकार ने आते ही उद्योग सेक्टर को प्राथमिक सूची में लिया है. इसके लिए प्रदेश में उद्योगों के लिए नई नीति की कवायद शुरू की. अब यह नीति अब तैयार हो चुकी है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) ने भी इसके प्रस्तावों पर सैद्वांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है.

प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारों की संख्या को काबू में करने के लिए प्रदेश सरकार नया फार्मूला ला रही है, इसके तहत औद्योगिक निवेश नियम बेहद लचीले करने की तैयारी हैं. गहलोत सरकार उद्यमियों को ऐसा ऑफर भी दे चुकी है. जिसके तहत निवेशक बिना किसी भी पूर्व अनुमति के अपनी इंडर्स्टी चालू कर सकता है. सिंगल विंडो एक्ट को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने पर भी काम रफ्तार पर है. अब नई औद्योगिक नीति के जरिए सेक्टर आधारित उद्योगों का प्रदेश में विकास होगा. खासकर अधिक रोजगार देने वाली ईकाईयों पर फोकस होगा. सर्विस, ऑटो, जैम एंड जवैलरी, हैंडीक्राफ्ट, माइंस एंड मिनरल्स, इलेक्ट्रोनिक्स, सॉफ्टवेयर, फूड प्रोसेसिंग, टैक्सटाइन एंड अपेरल सहित विभिन्न सेक्टर में संभावनाओं पर काम किया गया है.

गहलोत सरकार इस कार्यकाल में नए निवेश एमओयू करने से पहले नीतिगत मजबूती पर ध्यान दे रही है.  नीति जारी होने के तुरंत बाद निवेशकों से संपर्क साधने की तैयारी होगी. चीन, कोरिया, जापान सहित देश के बड़े ओद्योगिक घरानों के प्रस्ताव भी नई नीति के सहारे तेज गति से दौड़ेंगे.