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जयपुर: सिंधी कैंप बस स्टैंड के भवन का निर्माण कार्य पूरा, यात्रियों को मिलेगी राहत

भाजपा सरकार में 4 साल तक बस स्टैंड का नया बनाया जा रहा भवन खंडहर स्थिति में रहा.

जयपुर: सिंधी कैंप बस स्टैंड के भवन का निर्माण कार्य पूरा, यात्रियों को मिलेगी राहत
सिंधी कैम्प का पुनर्निर्माण शुरू से ही विवादास्पद रहा है.

दामोदर प्रसाद/जयपुर: सिंधी कैम्प बस स्टैंड का एक हिस्से के नया भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. पूरा बस स्टैंड तो नए सिरे से नहीं बनाया जा सका है, लेकिन एक हिस्सा 20 करोड़ की लागत में बनकर तैयार है. इसे बने हुए 5 माह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन रोड़वेज प्रशासन शुरू नहीं कर पा रहा है. भले ही यह कार्य 100 फीसदी पूरा नहीं हुआ हो, लेकिन भवन के एक हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया गया है. हालांकि प्रशासनिक और राजनीतिक अड़चनों के चलते निर्माण पूरा होने के 5 माह बीतने पर भी शुरू नहीं हो पा रहा है.

दरअसल सिंधी कैम्प का पुनर्निर्माण शुरू से ही विवादास्पद रहा है. पुनर्निर्माण का कार्य मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले कार्यकाल में शुरू हुआ था. पौने 6 साल पहले सितंबर 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसका शिलान्यास किया था. तब योजना यह थी कि 50 करोड़ की लागत से 3 मंजिला बस स्टैंड बनाया जाएगा. इसके बाद बीजेपी सरकार में कई बदलावों के साथ बस स्टैंड निर्माण की योजना बनाई गई. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसे 3 मंजिला से बढ़ाकर 13 मंजिला करने और बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ करने की योजना बनाई थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार में किया गया काम आगे नहीं बढ़ सका.

वहीं भाजपा सरकार में 4 साल तक बस स्टैंड का नया बनाया जा रहा भवन खंडहर स्थिति में रहा. इसके बाद पूर्व सीएम राजे ने अपने कार्यकाल के चौथे साल में सिंधीकैम्प का कार्य पूरा करने के लिए 20 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया था. इसी राशि से इसका निर्माण शुरू किया गया, जो इस साल फरवरी माह में पूर्ण कर लिया गया है.

अब सिंधी कैम्प बस स्टैंड के इस नए भवन का लोर्कापण कार्य अटका हुआ है. हालांकि रोड़वेज एमडी शुची शर्मा का कहना है की अगले अगले महीने से शुरू किया जा सकता है. दरअसल सीएम अशोक गहलोत ने पिछले कार्यकाल में जब इसका शिलान्यास किया था तब पूरे बस स्टैंड का कायाकल्प किया जाना था, लेकिन अब केवल एक हिस्से का ही निर्माण हो सका है. इस वजह से रोडवेज के अधिकारी इतनी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि सीएम गहलोत से बस स्टैंड के केवल एक हिस्से का लोकार्पण करवा सकें.

वहीं परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी लोकार्पण को लेकर खास रूची नहीं दिखा रहे हैं. जबकि यदि ये भवन शुरू हो तो प्लेटफार्म संख्या 2 को प्लेटफार्म 3 पर शिफ्ट करना संभव होगा, जिससे यात्रियों को दोहरी राहत मिलेगी. उद्घाटन नहीं होने से बड़ा नुकसान भवन और आम जनता का हो रहा है. भवन निर्माण के बाद भी जनता के उपयोग नहीं आ पा रहा है. नए बने भवन के अंदर-बाहर कई लोग बैठे रहते हैं. नए बस स्टैंड में कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है. देखना होगा कि आम जनता को नए बस स्टैंड की सौगात कब मिल पाती है.