Jaipur: उधारी से चलेगी शहरी सरकार Greater, Hudco से 500 करोड़ का लोन लेने की तैयारी!

नगर निगम ग्रेटर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. हालत यह है कि नगर निगम के पास ठेकेदारों का पैसा चुकाने के लिए भी राजस्व तो नहीं बचा है.

Jaipur: उधारी से चलेगी शहरी सरकार Greater, Hudco से 500 करोड़ का लोन लेने की तैयारी!
नगर निगम के पास ठेकेदारों का पैसा चुकाने के लिए भी राजस्व तो नहीं बचा है.

जयपुर: नगर निगम ग्रेटर (Municipal Corporation Greater) की शहरी सरकार कर्ज से चलेगी. संसद सत्र (Parliament session) शुरू होने से पहले 28 जनवरी को होने वाली निगम ग्रेटर की बोर्ड बैठक में 500 करोड़ रुपये का लोन लेने का प्रस्ताव लाया जाएगा, जिससे देनदारी चुकाई जा सके और विकास के काम फिर से शुरू हो सके. लेकिन सवाल ये है कि लोन का पैसा नगर निगम कंगाली की हालत में कैसे चुकाएगा? प्रस्तावित बोर्ड बैठक में करीब नौ एजेंडे शामिल किए गए हैं. एजेंडे का निर्धारण 150 पार्षदों से प्राप्त विकास प्रस्तावों के आधार पर किया गया है.

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नगर निगम ग्रेटर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. हालत यह है कि नगर निगम के पास ठेकेदारों का पैसा चुकाने के लिए भी राजस्व तो नहीं बचा है. ऐसे में नगर निगम ग्रेटर प्रशासन हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन हुडको से डवलपमेंट वर्क के लिए लोन लेने की तैयारी कर रहा है. निगम करीब 500 करोड़ रुपये का हुडको से लोन लेगा. इसका प्रस्ताव 28 तारीख को होने वाली साधारण सभा की बैठक में रखा जाएगा हालांकि मोडिटोरियम पीरियड में दो साल तक निगम को हुडको को कोई किस्त नहीं चुकानी पड़ेगी लेकिन बाद में 15 साल में लोन का पैसा निगम को चुकाना होगा लेकिन सवाल ये है कि नगर निगम ग्रेटर प्रशासन कंगाली की हालत में 15 साल में ये उधारी पैसा कैसे चुकाएगा? 8 प्रतिशत ब्याज की दर से लोन की हर माह करीब 4 करोड़ 80 लाख रुपये महीने की किश्त निगम को हुडको को चुकानी होगी. मेयर डॉक्टर सौम्या गुर्जर (Somya Gurjar) ने कहा कि इस पैसे से बकाया चुकाया जाएगा ताकि निगम की आर्थिक स्थिति पटरी पर आ सके.

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एजेंडे में शामिल प्रस्तावः-
-निगम की वर्तमान आर्थिक स्थिति के कारण विकास कार्य बाधित नहीं हो, इसलिये तत्काल राहत के लिये हुडको से 600 करोड़ का लोन लेने का प्रस्ताव.
-नगर निगम ग्रेटर की सफाई व्यवस्था विशेषकर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के सम्बन्ध में लगातार मिल रही शिकायतों के समाधान के लिये विस्तृत चर्चा.
- कार्य व्यवस्था सुधार के लिये प्रत्येक वार्ड में 2 अकुशल श्रमिकों की व्यवस्था करवाना.
-नये बिल्डिंग बायलॉज 2020 का अनुमोदन.
-पार्षदों का भत्ता 3750 रूपये से बढ़ाकर 11 हजार रूपये किये जाने का प्रस्ताव.
- पार्षदों को लैपटॉप उपलब्ध करवाना.
-समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों के लिये निगम द्वारा विद्यालय खोलने का प्रस्ताव.
-पार्षदों के लिये रिंग रोड़ जयपुर, स्टेट हाईवेज को टोल फ्री करवाने के लिये राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाये.

क्या कहना है महापौर सौम्या गुर्जर का
नगर निगम ग्रेटर की पहली साधारण सभा 28 जनवरी को होगी. इस बैठक में 9 एजेंडे रखे गए हैं, जिनमें सफाई, नगर निगम का राजस्व बढ़ाना, पार्षदों के भत्तों में बढ़ोतरी जैसे प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है. महापौर सौम्या गुर्जर ने बताया कि हमने सभी 150 पार्षदों से प्रस्ताव मांगे थे. लगभग सभी ने प्रस्ताव भेज दिए हैं. ज्यादातर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा की मांग की है. साथ ही निगम की आय बढ़ाने को लेकर भी प्रस्ताव मिले हैं. प्रस्तावों की संख्या बहुत ज्यादा है, ऐसें में कुछ एजेंडे इस बैठक में रखे जाएंगे. एक—दो दिन में सभी पार्षदों को एजेंडा भेज दिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि अब तक नगर निगम जयपुर के द्वारा जेडीए द्वारा निर्धारित निगम क्षेत्र की आरक्षित दरों को बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किये ही अपनाया (अडाप्ट) जा रहा था, जिसके सम्बन्ध में निगम में सक्षम स्तर पर भी स्वीकृति प्राप्त नहीं की जा रही थी. इस अनियमितता को दूर करने और वर्तमान में प्रभावी जेडीए की आरक्षित दरों को वर्तमान ग्रेटर निगम में प्रभावी किये जाने का प्रस्ताव. इससे आमजन को पट्टे जारी करने एवं नियमितिकरण से सम्बन्धित मामलों में राहत मिलेगी. यह प्रस्ताव महापौर डॉक्टर सौम्या ने प्रस्तुत किया है.

बहरहाल, नगर निगम ग्रेटर की माली हालत खस्ता है. विकास कार्य ठप्प पड़े हैं. ठेकेदार हड़ताल पर हैं. पार्षद अपने अपने क्षेत्रों में कार्यालय, सुविधाओं को लेकर मेयर पर पास प्रतिदिन पहुंच रहे हैं. ऐसे में नगर निगम के पास राजस्व जुटाना सबसे बड़ी चुनौती है. यदि नगर निगम को लोन मिल भी जाता है तो उसे चुकाने के लिए उसी तरीके से राजस्व भी जुटाना होगा.