Rajasthan: झारखंड महादेव मंदिर में नहीं कर सकेंगे भोलेनाथ का जलाभिषेक, जानें वजह

ताड़केश्वर महादेव मंदिर में भक्त बारी-बारी से सामाजिक दूरी की पालना के साथ दर्शन के साथ जलाभिषेक कर सकेंगे. चार प्रहर की पूजा शाम 6.29 बजे से शुरू होगी. 

Rajasthan: झारखंड महादेव मंदिर में नहीं कर सकेंगे भोलेनाथ का जलाभिषेक, जानें वजह
महाशिवरात्रि का पर्व सात ग्रहों का केंद्रीय योग शिव आराधना के लिए खास होगा.

Jaipur: शिव और सिद्ध योग में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पर्व कल मनाया जाएगा. शहर के कई प्राचीन बड़े से लेकर छोटे शिवालयों में सुबह से हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देगी हालांकि एक बार फिर बढ़ते कोरोना संक्रमण (Covid Infection) के बीच कई मंदिर प्रबंधनों की ओर से मेला आदि गतिविधियां नहीं होंगी. कोरोना के दिशा-निर्देशों की पालना के साथ व्रत रखकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे.

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महाशिवरात्रि महापर्व के अवसर पर छोटी काशी कहे जाने वाले जयपुर (Jaipur) के शिव मंदिरों में सुबह से ही हर-हर महादेव, बम-बम भोले की गूंज रहेगी. महाशिवरात्रि का पर्व सात ग्रहों का केंद्रीय योग शिव आराधना के लिए खास होगा. शिवालयों में महादेव का पुष्पों से विशेष श्रृंगार होगा. प्रथम प्रहर की पूजा शाम 6.29 बजे से शुरू होगी. अंतिम प्रहर रात 3.41 बजे तक रहेगा हालांकि एक बार फिर बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कई मंदिर प्रबंधनों की ओर से मेला आदि गतिविधियां नहीं होंगी.

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ताड़केश्वर महादेव मंदिर में भक्त बारी-बारी से सामाजिक दूरी की पालना के साथ दर्शन के साथ जलाभिषेक कर सकेंगे. चार प्रहर की पूजा शाम 6.29 बजे से शुरू होगी. बेरिकेडिंग सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं पुख्ता की गई. वैशालीनगर झारखंड महादेव मंदिर (Jharkhand Mahadev Temple) में स्वयंभू शिवलिंग के दर्शनों का सिलसिला कल सुबह 5 बजे मंगला आरती से शुरू होगा. भक्त जलाभिषेक नहीं करेंगे. बब्बू सेठ मेमोरियल ट्रस्ट अध्यक्ष जयप्रकाश सोमानी (Jaiprakash Somani) ने बताया कि मेला नहीं भरेगा.

उधर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर (Moti Dungri Ganesh Ji Temple) के पास पहाड़ी पर स्थित प्राचीन एकलिंगेश्वर महादेव शिवरात्रि पर नहीं खोला जाएगा. यह फैसला कोरोना (Corona) की गाइडलाइन की पालना के मद्देनजर लिया है. गौरतलब है कि एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (Eklingeshwar Mahadev Temple), साल में सिर्फ एक दिन शिवरात्रि पर ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है. यहां सुबह से लेकर शाम तक लाखों की तादाद में भक्त दर्शनों के लिए पहुंचते हैं. सिटी पैलेस स्थित शिवालय में राजपरिवार के सदस्य पूजा अर्चना करेंगे. 

गलता जी तीर्थ में महंत स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में सादगी से कार्यक्रम होगा. महाशिवरात्रि मेला नहीं भरेगा. संगीत समारोह-प्रसादी वितरण भी निरस्त रहेगा. आगन्तुक श्रद्धालुओं को प्रवेश तीर्थ की वेबसाईट पर रजिस्ट्रेशन कर बुकिंग करने के बाद मिलेगा. यह प्रवेश एक ही रास्ते गलता जी के पूर्वी मार्ग जो कि घाट की गूणी, सिसोदिया गार्डन से होकर मिलेगा. खोले के हनुमान मंदिर स्थित आनन्देश्वर महादेव का पुष्करराज के पवित्र जल से बुधवार रात में जलाभिषेक कर चार पहर की पूजा होगी.

बहरहाल, शिवभक्त भगवान आशुतोष के दरबार में हाजिरी लगाएंगे और दुग्ध-जलाभिषेक करेंगे. भोर होते ही शिवालयों में शिवभक्त ‘हर हर महादेव, ‘जय भोले, ‘भोले नाथ की जय, ‘बम-बम भोले आदि जय घोष सुनाई देगी. साथ ही दूध और जल से अभिषेक कर बिल्व पत्र, आक, धतूरा, पुष्प, बेर, गाजर, फल आदि अर्पित करके अपने इष्ट देव को प्रसन्न किया जाएगा.