DISCOM का स्मार्ट 'मीटर मैनेजमेंट', छीजत-बिजली चोरी रोकने के लिए की नई पहल

Jaipur News: बिजली चोरों के नित नए तरीकों और रात के समय बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं के बाद बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर मैनेजमेंट की राह पकड़ी है. अब शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक ट्रांसफार्मर अत्याधुनिक मीटर से लेस होगा.

DISCOM का स्मार्ट 'मीटर मैनेजमेंट', छीजत-बिजली चोरी रोकने के लिए की नई पहल
DISCOM का स्मार्ट 'मीटर मैनेजमेंट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: बिजली कंपनियों के लिए छीजत कम करना चुनौती बना हुआ है. ऐसे मे अब तकनीक और उपकरणों का सहारा लेने की तैयारी है. शहरी क्षेत्रों में मीटर मैनेजमेंट के जरिए ट्रांसफार्मर्स से निकली बिजली की गणना होगी. जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम इस पर काम कर रहे हैं. पहले उन इलाकों में लगाए जा रहे हैं, जहां बिजली चोरी व छीजत का आंकड़ा ज्यादा है. इससे ट्रांसफार्मर से सप्लाई होने वाली बिजली और उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग हुई विद्युत खपत का अंतर पता चलेगा. इसके बाद विजिलेंस टीम छापेमार कार्रवाई कर बिजली चोरों को पकड़ेगी.

दरअसल, बिजली चोरों के नित नए तरीकों और रात के समय बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं के बाद बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर मैनेजमेंट की राह पकड़ी है. अब शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक ट्रांसफार्मर अत्याधुनिक मीटर से लेस होगा. इस पूरी प्रक्रिया में 200 करोड़  रुपए तक का खर्च आने की संभावना है. जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम प्रबंधन इसके लिए कवायदकर रहा है.

ये भी पढ़ें-Rajasthan में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, 8, 9, 11वीं के विद्यार्थी होंगे प्रमोट

 

प्रदेशभर में 67 हजार मीटर लगाए जाने को मंजूरी मिली है. ऊर्जा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रबधंन से बिजली छीजत का आकड़ा 15 फीसदी की दर पर लाने में सफलता मिगी.  तीनों बिजली कंपनियों ने इस पर काम शुरू कर दिया है. पहले उन इलाकों में लगाए जा रहे हैं, जहां बिजली चोरी व छीजत का आंकड़ा ज्यादा है. इन ट्रांसफार्मर से सप्लाई होने वाली बिजली और उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग हुई विद्युत खपत का अंतर पता चलेगा. विद्युत यूनिट में ज्यादा अंतर आने पर चोरी की स्थिति पता चलेगी. इन मीटर के जरिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी.

   विद्युत छीजत
    वर्ष जयपुर डिस्कॉम अजमेर डिस्कॉम जोधपुर डिस्कॉम

  • 2017-18 20.49 19.76 19.33
  • 2018-19 20.15 18.26 21.99
  • 2019-20  18.35  14.48 20.94
  • 2020-21  18.06  12.89 21.64

(औसत छीजत प्रतिशत में)

दरअसल, छीजत और बिजली चोरी का असर ईमानदार उपभोक्ताओं पर है. प्रदेश के 1 करोड़ 52 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक भार है. डिस्कॉम्स की विजिलेंस टीम ने पिछले दस महीनों में ढाई लाख जगह दबिश दी. इनमें 1 लाख 85 हजार मामलों में विद्युत चोरी के सामने आए हैं. ट्रांसफार्मर्स के जरिए मीटर मैनेजमेंट में जयपुर डिस्कॉम में 41 हजार, अजमेर डिस्कॉम में 18 हजार और जोधपुर डिस्कॉम में आठ हजार मीटर लगने है. डिस्कॉम की इस पहल के बाद बिजली चोरी की घटनाओं और ऊर्जा कंपनियों के घाटे में कमी की संभावना मानी जा रही है.

ये भी पढ़ें-छात्रों की जिज्ञासा को शिक्षक ने इस तरह किया पूरा, School को बना दिया Bullet Train