जयपुर: जिला प्रभारी सचिव ने कलेक्टर को कहा- शहर में भीड़ 'आउट ऑफ कंट्रोल'

राजधानी जयपुर में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को लेकर जिला प्रभारी सचिव डॉक्टर सुबोध अग्रवाल ने चिंता जाहिर की है. 

जयपुर: जिला प्रभारी सचिव ने कलेक्टर को कहा- शहर में भीड़ 'आउट ऑफ कंट्रोल'
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद सभी जिला प्रभारी सचिव अपने अपने जिलों के 2 दिवसीय दौरे पर हैं.

जयपुर: राजधानी जयपुर में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को लेकर जिला प्रभारी सचिव डॉक्टर सुबोध अग्रवाल ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने अफसरों को ऑफिस के कमरों से निकलकर फील्ड में रहने के निर्देश दिए. बाजारों में हो रही लोगो की भीड़ आउट ऑफ कंट्रोल है और इस भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जिला प्रभारी सचिव ने जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा को सख्ती करने की नसीहत दी. 

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद सभी जिला प्रभारी सचिव अपने अपने जिलों के 2 दिवसीय दौरे पर हैं. जयपुर जिला प्रभारी सचिव डॉक्टर सुबोध अग्रवाल ने जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक ली, लेकिन प्रभारी सचिव के सवालों का CMHO प्रथम नवरोत्तम शर्मा सही जवाब नहीं दे पाए और हड़बड़ाहट में आंकड़े भी गलत देते रहे. जिस पर प्रभारी सचिव ने नाराजगी जाहिर की.

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अब शहर में पहले जैसी सख्ती नहीं दिखाई दे रही
अतिरिक्त मुख्य सचिव और जिला प्रभारी सचिव सुबोध अग्रवाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में साफ तौर पर कहा कि शहर में बिना मास्क के लोग बिना डर के घूम रहे हैं. बाजारों में भीड़ उमड़ रही है. शुरुआत में जिस तरह से सख्ती थी अब ऐसा नजर नहीं आ रहा है. बाजारों में अधिकतर देखने को मिल रहा है कि एक दुकान पर 10 से 15 लोग बिल्कुल सट कर खड़े हुए हैं. सोशल डिस्टनसिंग की खुले आम धज्जियां उड़ रही है. ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है और यही कारण है कि जयपुर में कोरोना केसों की संख्या रोजाना 100 से पार जा रही है.

कोरोना के आंकड़े बढ़े तो याद आई 'जागरूकता'
कोविड-19 से मुकाबले के लिए सावधानी ही एकमात्र उपाय है और इसके लिए अधिकतम लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है. ऐसे लोगों का चालान किया जाना चाहिए जो मास्क लगाने, बाहर नहीं थूंकने जैसे कोविड से बचाव के नियमों का उल्लंघन करते दिखाई दें. अब लघु संदेशो, सोशल मीडिया और नवाचारों के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है. इसके लिए शहर की जनसंख्या के आधार पर वाहनों द्वारा प्रचार किए जाने के निर्देश दिए. साथ ही इस कार्य में एनएसएस, एनसीसी, सिविल डिफेंस जैसे संगठनों की भी सहायता लेने के लिए कहा. 

जर्जर पेयजल लाइनों, खुले बिजली पैनल्स को दुरूस्त करने के निर्देश
प्रभारी सचिव ने पेयजलापूर्ति लाइनों में सीवरेज के मिश्रण के कारण होने वाले जल प्रदूषणों के मामले में अविलम्ब कार्यवाही करने के निर्देश. उन्होंने साल सोडाला के सुशीलपुरा पुलिया क्षेत्र और मोतीडूंगरी क्षेत्र में जलप्रदूषण की शिकायतों के बाद वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. जलदाय विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया कि यहां जर्जर लाइनों को बदल दिया गया है और अब कोई समस्या नहीं है. मानसून में खुले बिजली तारों के कारण जनहानि की आशंका का जिक्र करते हुए जेवीवीएनएल के अधिकारियों से विभिन्न सड़कों, पार्कों में खुले बिजली पैनल्स की स्थिति की भी समीक्षा की. अगले सात दिन में सभी पैनल्स को ढंक दिया जाए ताकि मानसून में कोई अनहोनी नहीं हो. साथ ही डेंगू, स्क्रब टाइफस, चिकिनगुनिया, स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों की स्थिति की भी समीक्षा की. डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम अधिकारियों को उपयुक्त स्थलों पर फोगिंग और एंटीलार्वा गतिविधियां जारी रखने को कहा.

ये रहे मौजूद
बैठक में कलक्टर अंतर सिंह नेहरा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अतहर आमिर, अतिरिक्त जिला कलक्टर पुरूषोत्तम शर्मा, राजेन्द्र कविया, अशोक कुमार, शंकरलाल सैनी सहित चिकित्सा विभाग, PHED, विधुत, नगर निगम के अधिकारी शामिल हुए.

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