जयपुर: सर्दी से किसानों को बचाएगा ऊर्जा विभाग, तैयार की यह योजना

जानकारी के अनुसार गहलोत सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले किसानों के बीच किए वादे को निभाते हुए इस मुश्किल से निकालने की पहल की है. 

जयपुर: सर्दी से किसानों को बचाएगा ऊर्जा विभाग, तैयार की यह योजना

जयपुर: राजस्थान के किसानों के लिए बड़ा खुशखबरी है. प्रदेश के किसानों के लिए ऊर्जा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, सालों से पेंडिंग पड़े किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के मामले में अब अलग फीडर से बनने और सौर ऊर्जा विकल्पों के अधिक इस्तेमाल से अधूरा सपना पूरा होने की संभावना हैं.

जानकारी के अनुसार ऊर्जा महकमा सर्दी में किसानों को ठिठुरने से बचाने के लिए रात की पारी की बजाय दिन में बिजली आपूर्ति पर फोकस कर रहा है.  इसके लिए डिस्कॉम्स प्लान पर काम कर रही है. दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की कवायद की गई है. तो वहीं सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर भी दिन के समय बिजली उपलब्धता बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है.

सर्दी का सीजन शुरू हो चुका है. इस सीजन में जहां दिन के समय बाहर निकलना ठिठुरन से भरा होगा. वहीं रात के समय तो गिरता पारा मुश्किल में डालेगा. इसके बावजूद अन्नदाता रात के समय खेतों में पानी देने को मजबूर होता है. किसानों को ब्लॉक में आवंटित हो रही बिजली अधिकतर रात के समय मिलती है. जिसके चलते किसान रात में ठिठुरने के लिए मजबूर होते हैं.

जानकारी के अनुसार गहलोत सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले किसानों के बीच किए वादे को निभाते हुए इस मुश्किल से निकालने की पहल की है. अब किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाने पर फोकस होगा. इस योजना पर काम शुरू हो गया है. अगले चार साल में सभी किसानों को रात में पानी का पंप चलाने से छुटकारा मिल सकता है. बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिन के समय बिजली देने पर पांच हजार मेगावाट के करीब अतिरिक्त भार पड़ेगा. ऐसे में वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों के विकास पर फोकस हैं, इसमें सौर ऊर्जा सबसे अधिक प्रभावी है.

विभाग के अनुसार कृषि विद्युत उपभोक्ताओं को दिन के दो ब्लाक में अच्छी गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति के लिए रोड मैप तैयार किया गया है. इसके लिए कृषि एवं गैर कृषि फीडरों को अलग-अलग किया जा रहा है. जयपुर डिस्कॉम पहले चरण में 100 फीडर पर इसकी पहल की जा रही है. जयपुर डिस्कॅाम के प्रबन्ध निदेशक ए.के. गुप्ता के अनुसार सभी संभागीय मुख्य अभियन्ता और प्रोजेक्ट के अधिशाषी अभियन्ताओं से चर्चा कर दिसम्बर, 2019 तक जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र के 100 फीडरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

कृषि क्षेत्र में दिन के दो ब्लाक में विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत तंत्र को विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए अभियन्ताओं को निर्देश दिए गए हैं. इस रिपोर्ट के आधार पर ही फीडर का काम अन्य क्षेत्रों में होगा. तो वहीं जयपुर डिस्कॉम में चार वर्ष के अंदर सभी फीडर में इस पैटर्न पर लाइनें बिछाने के साथ ही किसानों को अलग से बिजली सप्लाई संभव हो सकेगी.